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    ब्रेनवॉश कर बनाते थे धर्मांतरण गैंग का प्रचारक:इस्लामिक किताबों में छपता था नाम, पाकिस्तान में बैठे लोगों से होती थी बात; रिमांड में हुए बड़े खुलासे

    5 hours ago

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    आगरा धर्मांतरण गैंग के चार आरोपियों की तीन दिन की पुलिस रिमांड में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। धर्मांतरण गैंग के पाकिस्तान से तार जुड़े होने की बात सामने आई है। साथ ही धर्मांतरण संबंध लेनदेन के भी सबूत मिले हैं, जो दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस से जुड़े बताए जा रहे हैं। तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंगलवार को समाप्त होने पर पुलिस ने चारों आरोपित को कोर्ट में पेश किया और मुकदमे से जुड़े अहम साक्ष्यों की बरामदगी के लिए फिर से तीन नि की कस्टडी रिमांड की अर्जी दी। सीजेएम की अदालत ने चारों आरोपितों को जेल भेजने के आदेश दिए। वहीं, पुलिस कस्टडी रिमांड पर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। पुलिस ने बताया- गैंग पहले लोगों का ब्रेनवॉश करता था, फिर उन्हीं से दूसरों का धर्म बदलवाने की ट्रेनिंग दिलवाता था। जो टास्क पूरा कर लेता, उसका नाम इस्लामिक साहित्य में छापा जाता था। पुलिस को फंडिंग और नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं। सदर की दो बहनों के केस में हुए थे गिरफ्तार सदर निवासी दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने दिल्ली के परवेज अख्तर, जाशिम उर्फ जतिन कपूर, तलमीज उर रहमान और राजस्थान के डीग निवासी मौलाना हसन को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने चारों को तीन दिन की रिमांड पर भेजा था। रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को पुलिस ने 7 दिन की और रिमांड के लिए अर्जी दी है। ऐसे काम करता था गैंग: पहले मदद, फिर ब्रेनवॉश डीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि गैंग गली-मोहल्लों में जाकर बीमार और बेरोजगार लोगों को निशाना बनाता था। पहले पानी की बोतल, खाने का सामान बांटकर मदद करते थे। इस दौरान कलीम सिद्दीकी की किताबें साथ रखते थे। जो लोग परेशानी बताते, उन्हें किताब थमा देते और मोबाइल नंबर ले लेते थे।इसके बाद अलग-अलग नंबरों से कॉल कर इस्लाम की खूबियां गिनाते थे। सोशल मीडिया पर धर्म परिवर्तन के वीडियो दिखाकर प्रभावित करते थे। कई बार पैसों का लालच भी दिया जाता था। जतिन कपूर ने खोली गैंग की कार्यशैली पूछताछ में जाशिम उर्फ जतिन कपूर ने बताया कि पहले उसके धर्म की कमियां निकालकर उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। धर्म बदलने के बाद उसे दूसरों का धर्म बदलवाने की ट्रेनिंग दी गई। टास्क पूरा करने पर उसे आर्थिक मदद मिलती थी। जतिन ने कबूला कि उसने कई युवा लड़के-लड़कियों को बातों में फंसाकर धर्म बदलवाया। इसके बाद इस्लामिक साहित्य की किताबों में उसका नाम छापा गया। किताबों में नाम देखकर नए लोग उससे संपर्क करते थे। वह टैबलेट पर फंडिंग का हिसाब रखता था और पाकिस्तान में बैठे सदस्यों से भी बात करता था। बाटला हाउस-शाहीन बाग में छिपे फंडिंग के सबूत परवेज अख्तर ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के दवा सेंटर में धर्मांतरण के लेन-देन के रजिस्टर हैं। पकड़े जाने के डर से उसने रजिस्टर शाहीन बाग में छिपा दिए। तलमीज उर रहमान ने कबूला कि फंडिंग का रिकॉर्ड दिल्ली के बाटला हाउस में डॉ. आदिल के परिचित के यहां रखा है। मौलाना हसन ने बताया कि कलीम सिद्दीकी का दामाद अब्दुल रहमान गिरोह का नेटवर्क कश्मीर समेत कई राज्यों तक फैला चुका है। उसने कई लोगों के मोबाइल नंबर भरतपुर में एक रजिस्टर में छिपाकर रखे हैं। कलीम के जेल जाने के बाद बदली कमान पुलिस के मुताबिक सजा काट रहे कलीम सिद्दीकी के जेल जाने के बाद गिरोह की कमान कई लोगों ने संभाल ली थी। ये लोग अलग-अलग जिलों में जाकर नेटवर्क चला रहे थे। डीसीपी ने बताया कि अब तक 5-6 नए नाम सामने आए हैं। फंडिंग करने वालों की तलाश जारी है।चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि 7 दिन की रिमांड में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो जाएगा। मामले में एटीएस भी जांच कर रही है। ये है पूरा मामला आगरा में 2 सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान समेत 14 लोगों को अरेस्ट किया। आगरा पुलिस और ATS ने इनसे बंद कमरे में अलग-अलग पूछताछ की। जो कुछ सामने आया, वो बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने बताया कि आगरा से कोलकाता लाई गई दोनों बहनों में से एक ने सिर्फ इस्लाम ही नहीं कबूला था। उसका इस तरह से ब्रेनवॉश किया गया था कि वो मुजाहिदा (कुर्बान होने को तैयार) बन गई थी। पुलिस को इस फैक्ट से जुड़े कुछ चैट भी मिले हैं। आयशा ने पुलिस कस्टडी में बताया कि इन बहनों को धर्मांतरण सलाफी मुस्लिम की तरह किया गया, जोकि बहुत कट्‌टर होते हैं। वहीं, मोहम्मद इब्राहिम ने पुलिस को बताया कि पहले लड़कियां सिर्फ इस्लाम में आने को तैयार हुईं थीं, मगर फिर जैसे-जैसे हम उन्हें मुगल काल में कैसे मुस्लिम का भारत पर शासन था, उसकी कहानियां वीडियो में दिखाते गए, छोटी वाली बहन जोया तैयार हो गई कि वह इस्लाम के लिए कुर्बान हो जाएगी। पुलिस को दोनों सगी बहनों को धर्मांतरण के लिए ब्रेनवॉश करने वाली आयशा के मोबाइल से कुछ वीडियो भी मिले हैं, जिनमें राम मंदिर का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी दिख रहे हैं, बैक ग्राउंड साउंड में एक शख्स कह रहा है- बहुत बन गए सोमनाथ से मंदिर… अब टूटने चाहिए। इन इनपुट के सामने आने के बाद ATS, IB और सुरक्षा एजेंसी इन लड़कियों से फिर से पूछताछ की तैयारी कर रही हैं। बहनें पुलिस के साथ आने को तैयार नहीं आगरा पुलिस कोलकाता में जब दोनों बहनों तक पहुंची, तो वह दोनों हिजाब में थीं। पहले दोनों वापस आने को ही तैयार नहीं थीं। कह रही थी कि हमारा मकसद मिल गया है। जब पुलिस के साथ मौजूद महिला दरोगा ने उनकी काउंसिल की, तब वह बस्ती छोड़कर पुलिस के साथ बाहर आने को तैयार हुईं। सेफ जगह पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों बहनों के मोबाइल चेक किए। अब्दुल रहमान कर रहा था मरने-मारने को तैयार उसमें लंबी-लंबी चैट मिली। धर्मांतरण का सिंडिकेट चलाने वाले सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी के साथ ये लड़कियां कनेक्टेड मिली। इस बातचीत में लड़कियों को इस्लाम के लिए मरने-मारने के लिए तैयार किया जा रहा था। लड़कियां भी अब्दुल को लिखकर भेज रही थी कि वह अल्लाह की राह पर कुर्बान होने को तैयार हैं। वह इस्लाम के लिए जान देंगी। तभी जन्नत नसीब होगी। पुलिस ने फिलहाल ये चैट सार्वजनिक नहीं की है। आरोपियों के खिलाफ तैयार हो रही केस डायरी में शामिल की गई हैं। इन चैट से पुलिस को पता चला है कि किस तरह से दोनों का ब्रेन वॉश किया गया। पुलिस को लड़कियों की सोशल ID पर प्रोफाइल फोटो लगी मिली, जिसमें वो एके-47 के साथ थीं। सुरक्षा एजेंसी मान रही हैं कि बहनों को ISIS माड्यूल के लिए इस्तेमाल किया जाना था, मगर इससे पहले उन्हें रिकवर कर लिया गया।
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