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    बरेली में दुकानदार और ऑनलाइन व्यापार आमने-सामने:व्यापारी बोले- हम अर्थव्यवस्था की रीढ़, फिर भी नहीं मिल रही सुरक्षा

    10 hours ago

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    बरेली में डिजिटल प्लेटफॉर्म और पारंपरिक दुकानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से व्यापारियों की सुरक्षा और राहत के लिए सख्त नीतियां बनाने की मांग की है। चौपला स्थित कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कंछल ने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने इस मुद्दे को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आर्थिक संतुलन से जुड़ा बताया। कंछल के अनुसार, देश में लगभग 7 करोड़ व्यापारी और इतने ही कर्मचारी मिलकर 70 करोड़ लोगों की आजीविका से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतिगत फैसलों में इन व्यापारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बड़े डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स के माध्यम से बाजार को असंतुलित कर रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदार प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। कंछल ने सरकार से ऑनलाइन ट्रेडिंग पर नियंत्रण या स्पष्ट नियम लागू करने की मांग की ताकि दोनों क्षेत्रों के बीच संतुलन बना रहे। व्यापारियों ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए सरकारी कर्मचारियों जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना, दुकानों में आग या दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवर और ब्याज दर को 18% से घटाकर 9% करने की मांग शामिल है। कंछल ने जोर देकर कहा, “व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध नहीं है।” प्रेस वार्ता में बिजली दरों, गृहकर और अन्य करों को लेकर भी मुद्दे उठाए गए। व्यापारियों ने मांग की कि वाणिज्यिक दरों को आवासीय दरों के बराबर किया जाए और 'एक दुकान-एक लाइसेंस' जैसी सरल व्यवस्था लागू की जाए। इसके अतिरिक्त, जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को यात्रा में छूट देने और कर प्रणाली को और अधिक सरल बनाने की भी मांग की गई। लगातार बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर को लेकर भी व्यापारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इन समस्याओं से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और परिचालन लागत बढ़ रही है।
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