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    बरेली हादसे में मरने वाले किडनैपर थे:गुरुग्राम से ऑटो ड्राइवर व उसके दो बच्चों का अपहरण किया, हादसे में 4 में 3 अपरहणकर्ता की मौत

    5 hours ago

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    बरेली में एक दिन पहले सड़क हादसे में जिन 5 लोगों की मौत हुई थी, उसमें तीन किडनैपर थे। यह सभी लोग एक बोलेरो में सवार थे। वह बोलेरो सड़क किनारे खड़ी दुर्घटनाग्रस्त टैंकर से टकराकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसी दौरान पीछे से आ रही एक बाइक भी टकरा गई थी। इस हादसे में पांच लोागों की मौत हुई थी। उनमें 3 लोग बोलेरो सवार थे, 2 लोग बाइक सवार थे। हादसे की शुरुआत में यह बात सामने आई थी कि बोलेरो बरेली के सीबीगंज के फरीदपुर के रहने वाले मनमोहन सिंह की थी। उसके साथ बोलेरो में कुछ 6 लोग सवार थे। उनमें दो बच्चे भी थे। हादसे में मनमोहन सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। चौथा युवक प्रिंस घायल हो गया था। दोनों बच्चों को भी हल्की चोट आई, उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब इस घटना में नया ट्विस्ट आया है। बोलेरो में जो दो बच्चे बाल-बाल बच गए, उनका अपहरण किया गया था। बोलेरो में जो चार लोग सवार थे, वह उन बच्चों के किडनैपर थे। उन चार किडनैपर में से तीन की मौत हो गई। यह जानकारी तब सामने आई जब बरेली पुलिस ने घायल बच्चों की फोटो लेकर उनसे पूछताछ के बाद हरियाणा के गुरुग्राम भेजा। फोटो से दोनों बच्चों की पहचान हुई और अपहरण की पूरी बात सामने आ गई। अब बरेली और गुरुग्राम पुलिस संयुक्त रूप से इस पूरे नेक्सस की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गैंग में और कौन-कौन शामिल था। हादसे की 4 तस्वीरें देखिए… पहले विस्तार से जानिए पूरा मामला… बरेली में बेकाबू बोलेरो रविवार दोपहर 3 बजे हाईवे किनारे खड़े टैंकर से टकरा गई। पीछे से आ रहे बाइक सवार दो युवक भी बोलेरो में घुस गए। हादसे में बाइक सवारों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और छत उखड़ गई। कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी को काटकर शवों को बाहर निकाला। बोलेरो रामपुर की तरफ जा रही थी, जबकि बाइक सवार युवक मछली पकड़ने जा रहे थे। हादसा सीबीगंज थाना क्षेत्र में हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले मनमोहन सिंह के पिता नत्थू लाल ने बताया कि बेटे ने 15 दिन पहले ही बोलेरो खरीदी थी और उसी गाड़ी में उसकी मौत हो गई। मनमोहन की 26 अप्रैल को शादी तय थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक दिन पहले रोडवेज बस की टक्कर टैंकर से हुई थी। इसके बाद टैंकर को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया था। उसी टैंकर से बोलेरो और बाइक टकरा गई। फायर सर्विस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। बोलेरो और बाइक सवार की पहचान बोलेरो में ड्राइवर समेत 6 लोग सवार थे। इनमें बरेली के टांडा-सिकंदरपुर निवासी मनमोहन सिंह, उसके रिश्तेदार पीलीभीत निवासी सिकंदर और दो लोग और भी शामिल थे। बोलेरो को ड्राइवर प्रिंस चला रहा था। हादसे में मनमोहन और सिकंदर की मौत हो गई। तीसरे युवक की पहचान नहीं हो सकी है। ड्राइवर और दो बच्चे हादसे में घायल हैं। बाइक सवारों की पहचान बरेली के अटा कायस्थान निवासी साहबजाद खां (45) और उसी मोहल्ले के मुमताज खां के रूप में हुई। पुलिस की जांच में सामने आया किडनैप कांड गांव के ही ऑटो ड्राइवर के बेटों का अगवा किया हादसे के बाद पुलिस मृतकों की पहचान में जुटी थी। बाइक सवारों की पहचान हो चुकी थी। उसके बाद बोलेरो सवार लोगों की पहचान की जा रही थी। उसी में यह सामने आया कि बोलेरो में सवार चार लोग किडनैपर और जो दो बच्चे घायल मिले हैं, उनका किडनैप किया गया था। दोनों बच्चों का किडनैप हरियाणा के गुरुग्राम से किया गया था। यह अपहरण फिरौती के लिए की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाला मनमोहन ही अपहरण की इस वारदात का मास्टरमाइंड था। वह बरेली के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर का रहने वाला था। मनमोहन ने गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाने वाले अपने ही गांव के मूल निवासी मनोज को निशाना बनाया। तफ्तीश में जुटी थी गुरुग्राम पुलिस, बरेली हादसे से तस्वीर साफ पुलिस के अनुसार, मनोज से मोटी रकम वसूलने के नियत से बदमाशों ने शनिवार को हनुमान मंदिर के पास से उसे और उसके दो बेटों, मयूर (6) और लक्ष्य (3) को अगवा कर लिया था। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि अपहरण के बाद बदमाशों ने फोन पर धमकी दी थी कि अगर पुलिस को बताया तो सबको मार देंगे। बदमाशों ने मनोज को रोते हुए और बच्चों से भी बात करवाई थी। गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 पुलिस मामले की तफ्तीश कर ही रही थी कि रविवार शाम बरेली के सीबीगंज में हुए हादसे ने पूरी तस्वीर साफ कर दी। हादसे के बाद जब बरेली पुलिस राहत कार्य के लिए पहुंची, तो गाड़ी के अंदर दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। एसपी सिटी मानुष पारीक ने तुरंत बच्चों के फोटो गुड़गांव पुलिस को भेजे, जिसके बाद उनकी पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में हुई। बदमाश शनिवार की रात ही मनोज और उसके दोनों बच्चों का अपहरण कर अपने गांव ले आए थे। वहां मनोज को रोक लिया और बच्चों को छोड़ने गुरुग्राम जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पुलिस ने अब मनोज को मनमोहन के घर से बरामद कर लिया है। जिन बच्चों का अपहरण हुआ, उनके परिवार को जानिए … गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 में रहकर ऑटो चलाने वाला मनोज के परिवार में पत्नी पूजा और दो बच्चे 6 साल का मयुर और 3 साल का लक्ष्य है। पत्नी पूजा घरों में कुकिंग का काम करती है। इस वजह से दोनों बच्चों को मनोज अपने साथ रखता है। शनिवार को वो कुछ सवारियों को गुरुग्राम के हनुमान मंदिर छोड़ने गया था। वहीं से उसका और दोनों बच्चों को अपहरण कर लिया गया। मनोज मूल रूप से के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर रहने वाला है। इसी गांव का मनमोहन भी रहने वाला है। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि हम लोग 8 सालों से गुड़गांव में किराए के घर में रह रहे है। जबकि 8 महीने पहले ही मेरे गांव का मनमोहन भी गुड़गांव आकर राने लगा। एक ही गांव के होने की वजह से मेरे पति की जान पहचान मनमोहन से थी। मनमोहन ने अपने 3 अन्य साथियों रामपुर का विशेष यादव व प्रिंस और पीलीभीत के सिकंदर के साथ मिलकर मनोज और उसके दोनों मासूम बच्चों का बोलेरो से अपहरण कर लिया। शनिवार शाम अपहरण करके ये लोग फरीदपुर पहुंचे। इसके बाद रविवार को ये चारों बदमाश दोनों बच्चों को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। रास्ते में हुए सड़क हादसे में तीन अपहरणकर्ताओं मनमोहन, सिकन्दर और विशेष की मौत हो गई, जबकि चौथे अपहरणकर्ता प्रिंस घायल हो गया। घायल अवस्था में प्रिंस ने पुलिस को बताया कि हम लोग बच्चों और उसके पिता का गुड़गांव से किडनैप करके लाए थे। बच्चों के पिता को फरीदपुर में किडनैप करके रखा है। इसके बाद पुलिस ने फरीदपुर से मनोज को सकुशल बरामद कर लिया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जिसके बाद हमने गुड़गांव पुलिस से संपर्क किया और बच्चों की फोटो फोन पर भेजी। जिसके बाद मां ने अपने बच्चों को पहुंचान लिया। आज सुबह मां अस्पताल पहुंची। उसके साथ में गुड़गांव पुलिस भी आई है। गैंग के सदस्यों की पहचान हादसे का शिकार हुए बोलेरो सवार बदमाशों में फरीदपुर का मनमोहन, रामपुर के विशेष यादव व प्रिंस और पीलीभीत का सिकंदर शामिल थे। इस घटना में केवल प्रिंस की जान बच पाई है। उसका इलाज चल रहा है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… AK-47 को खिलौना बताने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड:हैंडग्रेनेड को परफ्यूम बोतल बताई; बिजनौर में संदिग्ध आतंकी को दी थी क्लीनचिट दुबई में रहने वाले यूपी के संदिग्ध आतंकी आकिब खान के AK-47 को खिलौना बताने के मामले में बिजनौर के इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ नितेश प्रताप सिंह को भी हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। दरअसल, बिजनौर के मैजुल का छह महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह मेरठ के आकिब के साथ नजर आया था। मामले की जांच बिजनौर के तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने आकिब और मैजुल से बातचीत की। पूरी खबर पढ़िए…
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