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    बलिया में निजी स्कूलों की महंगी किताबों का विरोध:अभिभावकों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, NCERT लागू करने की मांग

    7 hours ago

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    बलिया में निजी विद्यालयों द्वारा NCERT/SCERT के स्थान पर निजी प्रकाशन की महंगी पुस्तकें अनिवार्य करने के विरोध में लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन समाजसेवी प्रेम वर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी प्रतिनिधि को दिया गया। NCERT और SCERT की सस्ती प्रेम वर्मा ने बताया कि शासन और शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जनपद के 95% से अधिक निजी विद्यालय अभिभावकों को NCERT और SCERT की सस्ती और मानक पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की अत्यधिक महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें पुस्तक विक्रेताओं द्वारा विद्यालयों को 60% तक कमीशन दिया जाता है। 8 से 10 गुना अधिक महंगे वर्मा ने आगे कहा कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं की किताबों का सेट भी 4000 से 6000 रुपये तक का हो रहा है। निजी प्रकाशन की किताबों के सेट NCERT की तुलना में 8 से 10 गुना अधिक महंगे हैं, जिससे आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के नियमानुसार विद्यालयों को NCERT या SCERT की पुस्तकें ही लागू करनी चाहिए, लेकिन कमीशन के लालच में निजी प्रकाशकों की किताबें थोपी जा रही हैं। विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों पर विशेष दुकानों से ही किताबें और स्टेशनरी खरीदने का अनुचित दबाव भी बनाते हैं, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। किसी भी दुकान से खरीदने की स्वतंत्रता लोगों ने मांग की कि जनपद के समस्त निजी विद्यालयों की जांच के लिए एक टीम गठित की जाए। NCERT/SCERT के स्थान पर निजी प्रकाशकों की किताबें चलाने वाले विद्यालयों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, अभिभावकों को किसी भी दुकान से पुस्तकें खरीदने की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए। हजारों अभिभावकों को राहत कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने कहा कि वे "शिक्षा में डकैती" के इस खेल को बंद करवाकर हजारों अभिभावकों को राहत दिलाना चाहते हैं। इस अवसर पर जुबेर सोनू, विशाल कुमार, दिलीप मौर्य, शैलेष वर्मा, संदीप साहनी, सूरज कुमार और सूबेदार वर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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