Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भारत आकर ब्रिटेन ने की सबसे बड़ी डील, चौंक गया चीन

    11 hours ago

    1

    0

    यूके की फॉरेन सेक्रेटरी येविड कूपर भारत के दौरे पर थी। जहां पर भारत और यूएई के बीच आपसी सहयोग के कई मुद्दों पर सहमति बनी है और कई सारे समझौते हुए हैं और इन सब समझौतों में सबसे बड़ा समझौता जो है वो हुआ है क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर। क्रिटिकल मिनरल्स जो आपकी जेब में रखे स्मार्टफोन से लेकर सरहद पर तैनात सैनिकों की मिसाइलों तक में इस्तेमाल होती है। इसी को लेकर अब भारत और ब्रिटेन ने बड़ा कदम उठाया है जो कि चीन जैसे देश को चुनौती दे सकता है। दरअसल 4 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जरवेटरी यानी कि जीएससीओ का औपचारिक आगाज हो गया है।  इस मौके पर भारत के केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और ब्रिटेन के विदेश सचिव यवेट कूपर मौजूद रहे। इसे भी पढ़ें: Sangar Bari Border से भारत में घुस रहे थे Bangladeshi Infiltrators, BSF ने हाथोंहाथ सिखा दिया करारा सबकआपको बता दें कि ब्रिटेन की फॉरेन सेक्रेटरी भारत दौरे पर आई हुई थी और यह उनका आधिकारिक दौरा था। इस दौरे के दौरान भारत और यूके के बीच कई समझौते हुए हैं। जिनमें ब्रिटेन के फॉरेन सेक्रेटरी के दौरे का मुख्य मकसद इंडिया यूके विज़न 2035 की पहली सालाना समीक्षा करना था। यह एक ऐसा व्यापक रोड मैप है जिसमें जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंदन यात्रा के दौरान इसे बनाया गया था और अब इसी कड़ी में कूपर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बड़ी बातचीत की है और अलग से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की है। इस दौरे के दौरान इस फ्रेमवर्क पर चर्चा हुई और पांच मुख्य स्तंभ यानी कि विकास, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रक्षा सुरक्षा और जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा पर इसके साथ ही शिक्षा पर विशेष रूप से चर्चा की गई है। अब आप यह देखिए कि ब्रिटेन के फॉरेन सेक्रेटरी ने इविट कूपर के भारत दौरे से जो सबसे बड़ी बात निकल कर सामने आ रही है, वह है यूके और भारत के बीच तय हुआ क्रिटिकल मिनरल को लेकर बड़ा समझौता। इसे भी पढ़ें: Delhi-Siliguri अब 6 घंटे में! Ashwini Vaishnaw ने Bullet Train प्रोजेक्ट का किया ऐलानक्रिटिकल मिनरल वो जरूरी खनिज होता है जो कि स्वच्छ ऊर्जा यानी क्लीन एनर्जी के लिए बेहद जरूरी है। इलेक्ट्रिक वाहनों में इसकी बेहद जरूरत देखने को मिलती है। इसके साथ ही एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस सेक्टर में इसकी बड़ी मांग है। लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट जैसे इन खनिजों को क्रिटिकल मिनरल्स कहा जाता है जो कि भविष्य की तकनीक के लिए बिल्कुल जरूरी है। इनके बिना आगे की टेक्नोलॉजी अधूरी है। और अब भारत और ब्रिटेन का ऑब्जरवेटरी बनने का मकसद यही है कि इन खनिजों की सप्लाई चेन सुरक्षित रखी जाए। यानी कल को अगर कोई देश अपनी मनमानी करना चाहता हो तो उसे रोका जा सके और दुनिया के इन संसाधनों के लिए जोखिम ना उठाना पड़े। क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन को सही तरीके से बरकरार रखने के लिए भारत और यूके ने समझौता किया है। इसके साथ ही भारत और ब्रिटेन के रिश्ते अब कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और 2030 रोड मैप पर टिके हुए हैं। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    जिनपिंग की बड़ी साजिश एक्सपोज! जहां भारत ने तानी ब्रह्मोस, वहीं भूतिया चीज बना रहा था चीन
    Next Article
    Jammu and Kashmir हमारा आंतरिक मामला, UN में Pakistan के झूठे नैरेटिव को भारत ने दिखाया आईना

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment