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    बिहार- नालंदा के शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़, 8 की मौत:6 से ज्यादा घायल; चैत्र के आखिरी मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी

    3 hours ago

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    नालंदा के मघड़ा में माता शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़ से 8 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में सभी महिलाएं हैं। 6 से ज्यादा लोग घायल हैं। भगदड़ के बाद मंदिर और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल है। मृतकों में से 2 की पहचान हो पाई है। इनमें नालंदा निवासी रीता देवी (50),और रेखा देवी (45) है। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल भेजा गया है। चैत्र महीने का आज आखिरी मंगलवार है। इसके लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में जुटी थी। प्रशासन ने हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है। आज ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नालंदा पहुंच रही हैं। वो नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। घटनास्थल राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल से 30km दूर है। हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें देखिए क्यों मची भगदड़ महिला भक्तों का कहना चैत्र महीने का ये अंतिम मंगलवार है। यहां मेला लगा था। लोगों की भीड़ ज्यादा हो गई। लोग जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में थे। कोई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाह रहा था। इसी में भगदड़ मच गई। मंदिर का गर्भ गृह बहुत छोटा है। मंदिर गई महिला ने बताया कि भीड़ इतनी थी कि लोग एक-दूसरे पर चढ़ रहे थे। सबको जल्दी थी आगे जाकर पूजा करने की। मृतका रेखा देवी के बेटे ने बताया, ‘मम्मी मेला देखने गई थी। हजारों की भीड़ थी। मघड़ा मेला लगा था। मैं घर पर था, जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचा। मां को अस्पताल लेकर आए, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।’ जानिए आज मंदिर में क्यों उमड़ी थी भक्तों की भीड़ ये मंदिर बिहारशरीफ (नालंदा) से लगभग 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव में स्थित है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (शीतला अष्टमी) को मुख्य पूजा होती है। परंपरा है कि शीतला अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता है। भक्त माता को एक दिन पहले बना ठंडा भोजन (बासी) भोग लगाते हैं। अष्टमी के दिन यहां भारी भीड़ होती है, लोग लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन करते हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है….
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