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    भाकियू (चढ़ूनी) का प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध:पीलीभीत में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

    8 hours ago

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    पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने कृषि क्षेत्र में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के खिलाफ प्रदर्शन किया। गुरुवार को यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि कृषि विरोधी नीतियां वापस नहीं ली गईं, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह काहलो और प्रदेश सचिव गुरविंदर सिंह के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ट्रेड डील भारतीय किसानों के लिए 'डेथ वारंट' साबित होगी। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में खेती करोड़ों लोगों की आजीविका है, जबकि विदेशों में यह पूरी तरह एक व्यापारिक ढांचा है। नेताओं ने आशंका जताई कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में बिना किसी शुल्क के प्रवेश मिला, तो स्थानीय फसलों के दाम बुरी तरह गिर जाएंगे। भाकियू (चढ़ूनी) ने ज्ञापन के जरिए सरकार से कई प्रमुख मांगें की हैं। इनमें कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के दायरे से पूरी तरह बाहर रखना शामिल है। इसके अतिरिक्त, किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी अधिकार बनाने और कृषि क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की गई है। यूनियन ने सरकार से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया है जिससे किसानों की आत्मनिर्भरता बनी रहे और वे विदेशी बाजार पर निर्भर न हों। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह काहलो ने स्पष्ट किया कि किसान अपने हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे और यदि सरकार ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए, तो भाकियू (चढ़ूनी) सड़कों पर उतरकर तीव्र विरोध प्रदर्शन करेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में यूनियन कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
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