Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अमेठी में 3 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित:स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में मिली अनियमितताएं

    2 hours ago

    1

    0

    अमेठी में उर्वरकों की उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में अनियमितताएं पाए जाने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मंडल अवतीन्द्र कुमार मिश्र और जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से की। अधिकारियों ने उर्वरक दुकानों और गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था। विक्रेताओं से मांगा स्पष्टीकरण निरीक्षण के दौरान, पूरबगांव के मेसर्स यदुवंशी ट्रेडर्स स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके। वहीं, गौरीगंज के मेसर्स तिवारी ट्रेडर्स के पास चालू वर्ष का स्टॉक व बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त, गौरीगंज स्थित इफको किसान सेवा केंद्र का स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर सत्यापित नहीं मिला। इन गंभीर अनियमितताओं के कारण तीनों विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा, जगदीशपुर और माधवपुर की साधन सहकारी समितियों का निरीक्षण करने पर केंद्र बंद पाए गए, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है। विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जिला प्रशासन ने सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिक्री रजिस्टर में किसान का मोबाइल नंबर, खतौनी नंबर और फार्मर रजिस्ट्री नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी बोई गई फसल के अनुसार निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बोरी डीएपी और 7 बोरी यूरिया की बिक्री ही अनुमन्य होगी। सभी विक्रेताओं को अपने पास स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड, कैश मेमो और भारत सरकार की अनुदान संबंधी जानकारी का प्रदर्शन (प्लेक्सी बोर्ड/वाल राइटिंग) अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुरादाबाद के छात्रों ने जेईई मेन में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन:कई विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए
    Next Article
    गाजियाबाद में 900 किलो मिलावटी पनीर जब्त:देर रात पुलिस ने पकड़ा, फूड विभाग ने नष्ट कराया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment