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    अलीगढ़ में जॉइंट एक्शन कमेटी गठित:लखनऊ अग्निकांड के बाद नक्शा और NOC की एक साथ होगी जांच, कमियां मिलीं तो FIR

    4 hours ago

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    ​लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अलीगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए डीएम अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। अब तक अलग-अलग विभागों द्वारा की जाने वाली जांच के खेल को पूरी तरह खत्म करने के लिए ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया है। अब प्रशासन, पुलिस, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए), फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त टीमें एक साथ जांच करेंगी। वहीं, मंगलवार को तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने के बाद शिक्षा विभाग की टीम बुधवार को भी कोचिंग सेंटरों की जांच करेगी। भ्रष्टाचार और लापरवाही के लूपहोल होंगे बंद ​डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि अलग-अलग निरीक्षण करने से कई महत्वपूर्ण खामियां और भ्रष्टाचार के लूप होल बचे रह जाते हैं। अब जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शहर के सभी बड़े कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, हॉस्पिटल, होटल, कोचिंग सेंटर, मॉल, स्कूल और बहुमंजिला रिहायशी इमारतों की कुंडली एक साथ खंगाली जाएगी। मानकों में लापरवाही मिलने पर सीधे सीलिंग और मुकदमे की कार्रवाई होगी। विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी सुरक्षा मानकों को परखने के लिए डीएम ने सभी विभागों की भूमिका तय की है। इसके तहत एडीए स्वीकृत मानचित्र और अवैध निर्माण का पूरा ब्योरा देगा। ​स्वास्थ्य विभाग शहर के सभी पंजीकृत और अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों की लिस्ट सौंपेगा। ​ अग्निशमन विभाग फायर एनओसी प्राप्त और डिफॉल्टर प्रतिष्ठानों का डेटा देगा। वहीं, विद्युत सुरक्षा विभाग बिजली लोड और स्वीकृत सुरक्षा प्रमाणपत्रों की फाइलें खोलेगा। ​पुलिस प्रशासन सराय एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होटलों की सूची उपलब्ध कराएगा। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि टीमें सिर्फ कागजात नहीं देखेंगी, बल्कि मौके पर जाकर यह चेक करेंगी कि फायर फाइटिंग सिस्टम चालू है या नहीं, इमरजेंसी एग्जिट पर कोई कब्जा तो नहीं है और बिजली के तारों की स्थिति कैसी है। बड़े सरकारी अस्पतालों की होगी जांच जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की सुरक्षा जांच के लिए विशेष आदेश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट की अगुवाई में सीएमओ, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक और पुलिस क्षेत्राधिकारी की एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त निरीक्षण टीम बनाई गई है। ​डीएम ने अल्टीमेटम दिया है कि यह टीम दो कार्यदिवस के भीतर फायर ऑडिट, विद्युत सुरक्षा और स्ट्रक्चरल सेफ्टी की गहन जांच रिपोर्ट सौंपे ताकि कमियों को तुरंत सुधारा जा सके। अलीगढ़ में एक भी फायर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पूरी तरह राम भरोसे है। मथुरा रोड निवासी संजीव कुमार कौशिक द्वारा मांगी गई आरटीआई के जवाब में मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि जिले में ऊंचाई पर लगी आग को बुझाने और रेस्क्यू करने के लिए एक भी आधुनिक फायर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं है। ​तीन-चार मंजिल से ऊंची इमारत में हादसा होने पर विभाग के पास ऊपर पहुंचने का कोई सीधा आधुनिक साधन नहीं है। सीएफओ का कहना है कि महानिदेशक के निर्देशानुसार एडीए को यह प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
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