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    अखिलेश अकेले भाजपा को कैसे रोकेंगे?:ममता को हराने के बाद पूरा फोकस यूपी पर; कई बड़े नेता मैदान में उतरेंगे

    1 hour ago

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    “INDIA गठबंधन की ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी को हरा दिया, अब अखिलेश यादव की बारी है।” पश्चिम बंगाल में जीत के बाद BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने ऐसा कहा है। मतलब, BJP के निशाने पर अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं। यूपी की 80 लोकसभा सीटों की बात करें, तो सपा ही 37 सांसदों के साथ पहले नंबर पर है। 33 सांसदों के साथ दूसरे पर BJP, तो कांग्रेस सिर्फ 6 सांसदों के साथ तीसरे नंबर पर है। विपक्ष के जो नेता BJP के खिलाफ लड़ रहे थे, उनमें अब अखिलेश यादव ही मजबूत चेहरा बचे हैं। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव BJP का मुकाबला कैसे करेंगे? वह सीएम योगी को जीत की हैट्रिक लगाने से कैसे रोकेंगे? चुनाव अकेले लड़ेंगे या INDIA गठबंधन को साथ लेंगे? पढ़िए इस रिपोर्ट में… 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने BJP को सबसे ज्यादा परेशान किया 2024 लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन का परफॉर्मेंस काफी बेहतर था। INDIA गठबंधन ने 234 सीटें जीती थीं। भाजपा 240 सीटें जीतकर लोकसभा में अकेले बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। हालांकि, NDA को 293 सीटें मिलीं और वह केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब रही। 2019 में विपक्ष के पास 127 सीटें ही थीं। लोकसभा चुनाव में हुए नुकसान के बाद BJP ने अपनी रणनीति बदली। विपक्षियों को एक-एक करके निशाने पर लिया। अब निगाहें यूपी पर आकर टिकी हैं, जहां लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 सीटें जीतकर BJP को सबसे ज्यादा परेशान किया था। पश्चिम बंगाल का नतीजा आने के तुरंत बाद BJP ‘ऑपरेशन यूपी’ में जुट गई है। पार्टी ऐसे नेताओं को टारगेट करेगी, जो लड़ने की ताकत रखते हैं। अखिलेश यादव भी ये बात बखूबी जानते हैं। 2024 चुनाव के बाद से INDIA गठबंधन का हाल आम आदमी पार्टी (AAP): 2022 में दिल्ली और पंजाब में शानदार जीत हासिल की थी। लेकिन, 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार गई। भाजपा ने 48 सीटों के साथ वापसी की, जबकि AAP 22 पर ही सिमट गई। राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं। RJD सबसे ज्यादा वोट शेयर (22-23%) के बावजूद मात्र 25 सीटों पर सिमट गई। NDA ने 243 में से 202 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे - UBT): 2022 में शिवसेना के टूटने के बाद UBT गुट ने MVA (कांग्रेस-NCP) के साथ गठबंधन किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ सफलता मिली। लेकिन, 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा। UBT मात्र 20 सीटें जीत सका, जबकि शिंदे गुट, BJP की महायुति ने 230 से ज्यादा सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK): तमिलनाडु में एमके स्टालिन की DMK सत्ता में थी। लेकिन, 2026 के विधानसभा चुनाव में एक्टर थलापति विजय की पार्टी TVK के सामने हार हुई। DMK की सीटें 2021 के मुकाबले आधी से भी कम हो गईं। CM स्टालिन खुद अपनी सीट से हार गए। तृणमूल कांग्रेस (TMC): ममता बनर्जी की पार्टी TMC पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रही। लेकिन, 2026 के विधानसभा चुनाव में BJP के सामने ऐतिहासिक हार हुई। BJP ने 207 सीटें जीतीं, जबकि TMC 80 पर सिमट कर रह गई। महिला आरक्षण पर अखिलेश को घेर रहे पीएम मोदी यूपी विधानसभा चुनाव में 8 से 10 महीने का समय है। BJP ने अभी से अखिलेश यादव को घेरना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल का रिजल्ट आने के बाद से पीएम मोदी महिला आरक्षण के बहाने अखिलेश यादव पर निशाना साध रहे हैं। BJP इस मुद्दे को हर घर तक ले जाने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि 30 अप्रैल को यूपी में एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया। पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों से ‘नारी शक्ति वंदन एक्ट’ के पक्ष में प्रस्ताव पास कराए गए। लखनऊ में BJP के नेताओं ने मशाल जुलूस निकाला। अब अखिलेश यादव इसकी काट ढूंढने में जुटे हैं। ममता बनर्जी जैसी रणनीति अपनाते हैं अखिलेश अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की कई रणनीति एक जैसी हैं। दोनों BJP को दुश्मन मानते हैं। दोनों के लिए मुस्लिम फैक्टर अहम है। ममता बनर्जी INDIA गठबंधन का हिस्सा होते हुए भी इसका नाम लेने से परहेज करती रही हैं। यही पैटर्न अखिलेश यादव का भी रहा है। हालांकि, वे अलग-अलग मौकों पर कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने की बात करते रहे हैं। सपा का INDIA गठबंधन से अलग होना आसान नहीं सीनियर जर्नलिस्ट सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं- जब INDIA गठबंधन की नींव पड़ी थी, उस समय नीतीश कुमार प्रमुख चेहरा थे। BJP ने सबसे पहले उन्हीं को टारगेट किया और INDIA गठबंधन से अलग कर अपने साथ ले लिया। दूसरे नंबर पर जयंत चौधरी थे। उन्हें भी BJP ने अपने पाले में ले लिया। इसके बाद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे, दिल्ली में केजरीवाल, बिहार में तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से धीरे-धीरे सत्ता छीन ली। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल जीतने के बाद BJP यूपी में जोर लगाएगी, संगठन-मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को साधेगी; निशाने पर रहेगी सपा पीएम मोदी ने संकेत दे दिया है कि अब भाजपा पूरी तरह यूपी पर फोकस करेगी। योगी मंत्रिमंडल के विस्तार और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के गठन में इसकी झलक भी देखने को मिलेगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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