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    अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट:हरदोई में संभावित शादियों पर सख्ती, हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया

    2 hours ago

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    हरदोई जिला प्रशासन अक्षय तृतीया पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आम जनता से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग की अपील की है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त पर पारंपरिक रूप से बाल विवाह के मामले बढ़ने की आशंका रहती है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अपील में बताया गया है कि बाल विवाह के कारण कम उम्र की लड़कियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसका उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रशासन ने सभी सामाजिक संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, शिक्षकों और समाज सेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने का आग्रह किया है। उनसे कहा गया है कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। बाल विवाह रोकने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। बाल विवाह की सूचना 181, 1098 और 112 पर तुरंत दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सीधे जानकारी दी जा सकती है। प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो ऐसा विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह कराने में शामिल पंडित, मौलवी, टेंट हाउस संचालक, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और अन्य सहयोगी सभी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए बाल विवाह रोकने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
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