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    अंबेडकरनगर में विश्वकर्मा योजना आवेदन शुरू:पारंपरिक कारीगरों को 6 दिवसीय प्रशिक्षण और टूलकिट मिलेगी

    2 hours ago

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    अंबेडकरनगर में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत छह दिवसीय प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र ने बताया कि यह योजना वर्ष 2026-27 के लिए जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को लक्षित करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बढ़ई, दर्जी, नाई, लोहार, कुम्हार, हलवाई और राजमिस्त्री जैसे पारंपरिक कारीगरों के आजीविका के साधनों को मजबूत करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके तहत, कारीगरों को उनके उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, लाभार्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित दर पर मानदेय भी मिलेगा। सफल प्रशिक्षण के उपरांत, संबंधित ट्रेड से जुड़ी आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत किस्म की टूलकिट भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने काम को और बेहतर बना सकें। इच्छुक आवेदक निदेशालय द्वारा निर्धारित ट्रेडों में अपने आवेदन पत्र वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। यदि किसी आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई आती है, तो वे किसी भी कार्य दिवस में उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। आवेदक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं है। आवेदक को बढ़ई, नाई, दर्जी, राजमिस्त्री, कुम्हार, हलवाई और लोहार जैसे पारंपरिक कारीगरी व्यवसाय से जुड़ा होना अनिवार्य है। परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए पात्र होगा, जिसमें परिवार का आशय पति या पत्नी से है। योजना के लिए जाति एकमात्र आधार नहीं है; ऐसे व्यक्ति भी पात्र होंगे जो पारंपरिक कारीगरी करने वाली जाति से भिन्न हों। ऐसे आवेदकों को पारंपरिक कारीगरों से जुड़े होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका/नगर निगम के संबंधित वार्ड के सदस्य द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
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