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    अंबेडकरनगर में पुलिस पर हमले बढ़े:देरी से पहुंचने पर बढ़ रहा गुस्सा, पुलिस की मित्र वाली छवि पड़ रही कमजोर

    2 hours ago

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    अंबेडकरनगर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर आम जनता का असंतोष बढ़ रहा है। शिकायतों के अनुसार, पुलिस न तो समय पर घटनास्थल पर पहुंच पाती है और न ही पीड़ितों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनती है। इसके परिणामस्वरूप, पुलिस की 'मित्र' वाली छवि कमजोर पड़ रही है और कई बार पुलिस टीमों को जनता के गुस्से और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जहां गांवों में मारपीट या बाजारों में वारदातें होने पर पुलिस की मौजूदगी देर से होती है। इस देरी और संवेदनहीनता के कारण आक्रोशित भीड़ ने कई बार पुलिस पर हमला भी किया है। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली में तत्काल सुधार की आवश्यकता को भी दर्शाती है। हालांकि पुलिस प्रत्येक मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती है, लेकिन घटनाओं की पुनरावृत्ति व्यवस्थागत खामियों की ओर स्पष्ट इशारा करती है। यह आम आदमी की सुरक्षा पर सवाल उठाता है और अधिकारियों के इकबाल पर भी संदेह पैदा करता है। पहली घटना पेट्रोल पंप के पास ऐसी ही एक घटना 27 जुलाई 2017 को इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के खैरपुर पेट्रोल पंप के पास हुई थी। एक कांवड़िये की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने फैजाबाद-टांडा मार्ग को लगभग आठ घंटे तक जाम रखा। इस दौरान पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इस घटना में पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने लगभग 100 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बिजली की तार की चपेट में आया युवक इसके अगले ही दिन, 28 जुलाई 2017 को अकबरपुर थाना क्षेत्र के कटौना गांव में बिजली के तार की चपेट में आने की घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में तत्कालीन सीओ सिटी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 28 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। व्यापारी की हत्या के बाद प्रदर्शन 3 जुलाई 2018 को राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के पदुमपुर बाजार में एक व्यापारी की हत्या के बाद परिजनों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। इससे भड़की भीड़ ने सीओ आलापुर और कई पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। मामले में 35 नामजद और 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, साथ ही संबंधित थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए। हादसे के बाद टीम पर हमला 23 सितंबर 2018 को महरुआ थाना क्षेत्र के कटरिया गांव के पास सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रदर्शन कर रही भीड़ को समझाने पहुंची डायल 100 टीम पर हमला कर दिया गया। एक दरोगा और दो सिपाही घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बवाल की सूचना पर पहुंची थी पुलिस बवाल की सूचना पर अकबरपुर थाना इलाके के रतनपुर गांव पंहुची डायल 100 के पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की खाई बढ़ रही है।
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