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    आगरा में बीच सड़क पर बनी मजार-दरगाह पर विवाद:कोर्ट ने अधिकारियों को भेजा समन, योगी यूथ ब्रिगेड ने ध्वस्तीकरण की मांग की थी

    3 hours ago

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    कानपुर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एमजी रोड पर कॉलेज के सामने बीच सड़क बनी मजार और दरगाह को लेकर एक बार फिर विवाद गरमा गया है। यातायात बाधित होने और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों के बीच मामला अब अदालत तक पहुंच गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर के माध्यम से दोनों मजारों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की मांग को लेकर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया है। कोर्ट ने PWD के इंजीनियर को भेजा समन न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए आगरा के जिलाधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को समन जारी किए हैं। साथ ही सभी विपक्षियों को 11 मई 2026 को स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 19 जनवरी 2026 को कुंवर अजय तोमर ने धारा 80 सीपीसी के तहत नोटिस भेजकर बीच सड़क बनी मजार और दरगाह पर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि तय समय सीमा बीतने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही नोटिस का जवाब दिया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा। वादी का कहना है कि उक्त मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी हैं और इनके कारण यातायात बाधित होता है, जिससे कई हादसे भी हो चुके हैं। उन्होंने जनहित में इन्हें हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अन्य जिलों में अवैध धार्मिक ढांचों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन आगरा में अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कुंवर अजय तोमर ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिरों पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन मजार और दरगाह के मामले में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर बने धार्मिक स्थलों को हटाया जाना चाहिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उक्त मजार और दरगाह नहीं हटती, वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। साथ ही शहर में अन्य स्थानों पर बनी ऐसी संरचनाओं के खिलाफ भी आगे कार्रवाई कराने की बात कही है।
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