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    7 लाख के जेवर लूट की कहानी पर सवाल:अम्बेडकरनगर में 3.5 घंटे तक इलाके में घूमता रहा पीड़ित, CCTV में भी नहीं मिला सुराग

    8 hours ago

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    अम्बेडकरनगर के बसखारी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर मार्ग पर कथित तौर पर हुई 7 लाख रुपए के जेवर लूट की घटना अब सवालों के घेरे में आ गई है। पहली नजर में यह मामला बाइक सवार बदमाशों द्वारा लूट का लगा, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच और घटनाक्रम में सामने आए कई विरोधाभासों ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। पीड़ित रोहित शर्मा का दावा है कि 4 अप्रैल को बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रास्ते में रोककर जेवर लूट लिए और फरार हो गए। हालांकि, जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो वहां संघर्ष, छीना-झपटी या धक्का-मुक्की जैसे किसी भी तरह के ठोस निशान नहीं मिले। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी ने न तो कोई शोर-शराबा सुना और न ही किसी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि की। इससे पीड़ित के बयान पर सवाल खड़े होने लगे हैं। CCTV फुटेज में भी नहीं मिला कोई ठोस सुराग घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने खंगाली, लेकिन अब तक उसमें कोई ऐसी गतिविधि सामने नहीं आई है, जिससे कथित लूट की पुष्टि हो सके। यही वजह है कि पुलिस अब इस मामले को सिर्फ लूट के तौर पर नहीं, बल्कि हर एंगल से जांच रही है। सबसे बड़ा सवाल: वारदात के बाद 3.5 घंटे तक कहां और क्यों घूमता रहा पीड़ित पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू कथित घटना के बाद का व्यवहार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित शर्मा वारदात के बाद करीब साढ़े तीन घंटे तक इलाके में ही घूमता रहा। इतना ही नहीं, उसके पास इस दौरान दो मोबाइल फोन भी मौजूद थे, लेकिन उसने पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दी। आमतौर पर ऐसी घटनाओं में पीड़ित घबराकर तुरंत मदद मांगता है, लेकिन यहां लंबी खामोशी ने पुलिस के संदेह को और बढ़ा दिया है। पुलिस अब ‘गैप’ की कड़ियां जोड़ने में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी नीतीश तिवारी मौके पर पहुंचे और बारीकी से जांच की। उन्होंने टीम को हर पहलू पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा के जरिए उस समय के अंतराल को समझने की कोशिश कर रही है, जो इस पूरे मामले का सबसे कमजोर और संदिग्ध हिस्सा बनकर सामने आया है। लूट या कुछ और? जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर बसखारी की यह घटना अब सिर्फ एक साधारण लूट का मामला नहीं रह गई है। हर नई परत के साथ इसमें नए सवाल सामने आ रहे हैं। क्या वास्तव में लूट हुई थी, या फिर इसके पीछे कोई और वजह है—इसका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
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