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    4 अप्रैल को दिल्ली में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ रैली:शाहजहांपुर से एक हजार शिक्षक जाएंगे, रामलीला मैदान में होगा प्रदर्शन

    8 hours ago

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    टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली में विशाल रैली की घोषणा की है। यह प्रदर्शन दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जिसमें देशभर से लाखों शिक्षक शामिल होंगे। शाहजहांपुर से भी लगभग एक हजार शिक्षक इस रैली में भाग लेंगे। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री संजय सिंह ने टाउनहॉल स्थित एक होटल में मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक है। सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने 23 अगस्त 2010 को एक अधिसूचना जारी कर टीईटी को अनिवार्य किया था, लेकिन इससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से छूट दी गई थी। उनका तर्क है कि विभिन्न राज्यों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अलग-अलग तिथियों में लागू हुआ, इसलिए पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के 01 सितंबर 2025 के आदेश का भी जिक्र किया, जिसके भूतलक्षी प्रभाव से देशभर के लगभग 20 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। यदि निर्धारित समय-सीमा तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया जाता है, तो इन शिक्षकों को सेवा से हटाए जाने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। इसमें सांसदों के माध्यम से ज्ञापन देना, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करना और शिक्षा मंत्री से मुलाकात करना शामिल है। हालांकि,केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार जल्द ही कानून बनाकर उच्चतम-न्यायालय के उक्त आदेश के भूतलक्षी प्रभाव को समाप्त नहीं करती और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त नहीं करती, तो 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में यह विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
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