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    37 कोचिंग संस्थान, जिला अस्पताल भी बिना फायर NOC:लखनऊ हादसे के बाद कानपुर देहात में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

    1 day ago

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    लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी मानकों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में कानपुर देहात में चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। यहां 37 पंजीकृत कोचिंग संस्थानों सहित कई अस्पताल और होटल बिना फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के संचालित हो रहे हैं। जनपद में संचालित 37 पंजीकृत कोचिंग संस्थानों में से किसी के पास भी फायर विभाग की एनओसी नहीं है। इसके अतिरिक्त, कई निजी अस्पताल और होटल भी बिना फायर सुरक्षा मानकों का पालन किए चल रहे हैं, जिससे सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला पुरुष अस्पताल और महिला अस्पताल भी फायर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इन अस्पतालों में प्रतिदिन हजारों मरीज और उनके तीमारदार आते हैं। इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं लगातार संचालित होती हैं, लेकिन फायर सुरक्षा के इंतजाम अधूरे हैं। जानकारी के लिए बता दे कई अग्निशमन उपकरण खराब पड़े हैं और फायर सेफ्टी सिस्टम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। यह स्थिति तब है जब इन स्थानों पर आग लगने की स्थिति में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। कुछ दिन पूर्व अग्निशमन विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हरमीत सिंह ने बताया कि फायर सेफ्टी से जुड़े कार्यों का अनुमान (इस्टीमेट) तैयार कर निविदा (टेंडर) लोक निर्माण विभाग को दिया गया है उन्होंने कहा कि सभी मानक पूरे होने के बाद ही फायर एनओसी प्राप्त की जाएगी। वर्तमान में अस्पताल के पास एनओसी उपलब्ध नहीं है। डीएम कपिल सिंह बोले इसकी जांच कराएंगे ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी अस्पताल, जहां हजारों लोगों की जान की जिम्मेदारी होती है, बुनियादी फायर सुरक्षा मानकों से दूर हैं, तो निजी संस्थानों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? प्रशासन की इस लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह देखना होगा कि क्या इस बार कार्रवाई केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहेगी या ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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