Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    2025 में ही मिल गए थे गड़बड़ी के संकेत:SBI और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच बनी हुई थी SOP; ड्रेस कोड लागू हुआ लेकिन पालन नहीं

    10 hours ago

    1

    0

    श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला अब नए खुलासों के साथ और गंभीर होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट को चढ़ावे में गड़बड़ी के संकेत अप्रैल 2025 में ही मिल गए थे। इसके बाद सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बीच एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की गई थी, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी लागू नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ के दौरान चढ़ावे की गणना और प्रबंधन में अनियमितताओं की आशंका सामने आने पर यह SOP तैयार की गई थी। इसका उद्देश्य गणना प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निगरानी के दायरे में लाना था। ड्रेस कोड से लेकर सीसीटीवी तक के थे सख्त प्रावधान तत्कालीन व्यवस्था के तहत SBI के प्रतिनिधि गोविंद मिश्र और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्र के बीच SOP पर सहमति बनी थी। इसमें गणना कक्ष में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष वर्दी (ड्रेस कोड) लागू करने, प्रवेश और निकासी के समय अनिवार्य जांच, निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों की तैनाती तथा ट्रस्ट कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान शामिल थे। इसके अलावा गणना कक्ष में उच्च गुणवत्ता वाले अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम 180 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश था। हालांकि जांच में सामने आया कि मंदिर परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी सिस्टम में केवल 45 दिनों तक ही फुटेज सुरक्षित रखने की क्षमता है। SOP के पालन में लापरवाही बनी बड़ी वजह सूत्रों का दावा है कि SOP के अधिकांश प्रावधान कागजों तक ही सीमित रह गए। गणना कक्ष में कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था। बिना रोक-टोक प्रवेश होने से निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई, जिसका परिणाम 4 जून को हुई तलाशी और गणना के दौरान चोरी के खुलासे के रूप में सामने आया। बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (SIT) ने भी SOP से जुड़े दस्तावेज, सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन और संबंधित साक्ष्यों को अपने जांच दायरे में शामिल किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन में आखिर किन स्तरों पर चूक हुई और इसके लिए जवाबदेही किसकी बनती है। सपा नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने बताया कि SOP का यदि पालन होता तो यह लूट नहीं होती, लोगों के दान, गहनों की लूट नहीं होती। लोगों के आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होता। इसलिए इसे लागू नहीं किया गया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'लड़की को कुछ मत कहना' लिखकर जूनियर डॉक्टर का सुसाइड:BHU से पढ़ाई कर रहा था, हॉस्टल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज लिया
    Next Article
    यूपी की बड़ी खबरें:अफसर के बेटे ने बुलडोजर से तोड़ी पड़ोसी की दुकान, झांसी में 70 नकाबपोश युवकों को लेकर आया, सीसीटीवी के तार काटे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment