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    20 साल से पानी की टंकी सूखी, सड़कें खराब:कानपुर के वार्ड-19 में बजबजा रहीं नालियां, लोग बोले- सिर्फ पार्षद के घर वाला इलाका साफ

    1 day ago

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    20 साल में न तो विकास की गंगा बही, न ही घर के नलों की प्यास बुझी। कानपुर के वार्ड-19 कल्याणपुर दक्षिण में 20 साल से पहले बनी पानी की टंकी आज भी सुखी है। घरों में पाइपलाइन के कनेक्शन तो पहुंचा दिए गए, लेकिन पानी नहीं पहुंच सका। लिहाजा, लोग सबमर्सिबल और हैंडपंप के सहारे हैं। गरीब परिवारों के लिए पानी की समस्या अधिक है। वार्ड की गलियों में कूड़े के ढेर हैं, नालियां बजबजा रही हैं। बारिश में घरों तक पानी घुस जाता है। न्यू शिवली रोड पर अधूरा निर्माण, ऊपर निकले चैंबर और उखड़ी सड़कें हादसों को न्योता दे रही हैं। वार्ड परिक्रमा में लोगों का गुस्सा साफ दिखा। उनका आरोप है कि सफाई सिर्फ पार्षद के आसपास होती है, बाकी मोहल्लों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। पार्षद ज्योति पासवान से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-19 का जायजा लिया गया… वर्ष 2006 में बनी टंकी आज तक लोगों को पानी उपलब्ध नहीं करा सकी है। वकील नगर की कई गलियां उखड़ी हुई मिलीं। खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगा दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि सफाईकर्मी कूड़ा उठाने नहीं आते हैं, इसलिए प्लॉटों में ही कूड़ा डाला जा रहा है। वार्ड की अधिकांश नालियां बजबजाती नजर आती हैं। न्यू शिवली रोड पर निर्माण कार्य अधूरा मिला, कई जगह मैनहोल सड़क से ऊपर निकले हुए हैं। पहले ये नजारा देखिए... 20 साल पुरानी पानी की टंकी आज भी सूखी स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड में जलकल की पाइप लाइन तो बिछी हुई है, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। बारासिरोही क्षेत्र में वर्ष 2006 में पार्क के अंदर एक ऊंची पानी की टंकी बनवाई गई थी। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि इसके चालू होने के बाद घर-घर जलापूर्ति होगी, लेकिन दो दशक बाद भी टंकी केवल शोपीस बनी हुई है। सबमर्सिबल पंप और बोरिंग का सहारा क्षेत्रवासियों का कहना है कि पानी की टंकी बनकर तैयार है, लेकिन उसका संचालन शुरू नहीं हो सका। ऐसे में अधिकांश परिवार सबमर्सिबल पंप और निजी बोरिंग के सहारे जलापूर्ति कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां मकान बनाने से पहले बोरिंग कराना मजबूरी है, क्योंकि पाइप लाइन से पानी आने की उम्मीद अब भी अधूरी है। सीवर लाइन न होने से बढ़ी परेशानी वार्ड में सीवर लाइन न होना भी बड़ी समस्या है। घरों का गंदा पानी नालियों के जरिए निकलता है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहती मिलीं। वार्ड की बड़ी समस्याएं 20 साल से बंद पानी की टंकी: वर्ष 2006 में बनी पानी की टंकी आज तक शुरू नहीं हो सकी। पाइपलाइन बिछी है, लेकिन अधिकांश घरों तक जलापूर्ति नहीं होती। सीवर लाइन का अभाव और जलभराव: कई इलाकों में सीवर लाइन नहीं है। बरसात में नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों तक पानी पहुंचा देती हैं। टूटी सड़कें और अधूरा निर्माण: वकील नगर और मिर्जापुर की गलियां जर्जर हैं। न्यू शिवली रोड का निर्माण कार्य भी अधूरा और मानकों के विपरीत होने का आरोप है। गंदगी और कूड़ा निस्तारण की समस्या: खाली प्लॉट डंपिंग जोन बन गए हैं। नियमित सफाई न होने से गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। 20 साल से बंद पानी की टंकी अभिनीत शुक्ला ने कहा कि 20 साल से पानी की टंकी बंद पड़ी है। लोग मजबूरी में सबमर्सिबल पंप से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। गौरव मिश्रा ने बताया कि घरों के सामने बिजली के तारों का जाल फैला है और सफाई केवल नाममात्र की होती है। संजीव कुमार ने कहा कि पाइपलाइन होने के बावजूद घरों में पानी नहीं आता। सड़कें भी पूरी तरह जर्जर हैं। संजय कठेरिया ने कहा कि वार्ड में नाली, पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गलियों में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। बारिश के पानी में डूब जातीं सड़कें आदित्य ने कहा कि बारिश में सड़कें पानी से भर जाती हैं और बच्चे गड्ढों में गिर जाते हैं। कूड़ा भी नियमित नहीं उठता। मुन्नालाल पाल ने बताया कि 10-15 साल से सड़क नहीं बनी है। जलभराव और कूड़ा निस्तारण की समस्या लगातार बनी हुई है। बबलू ने कहा कि शिकायत करने पर ही कभी-कभार सफाई होती है। पाइपलाइन होने के बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। न कूड़ा उठता, न नालियां साफ होतीं संतोष तिवारी ने बताया कि सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। बारिश में घरों के अंदर तक पानी भर जाता है। सरस्वती तिवारी ने कहा कि उनके घर के पास लोग कूड़ा फेंकते हैं। न तो कूड़ा उठता है और न ही नालियों की सफाई होती है। विद्यासागर श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड में जलभराव की समस्या बेहद गंभीर है। सड़कें उखड़ी हुई हैं और बारिश में घरों तक पानी पहुंच जाता है। दिनेश कुमार यादव ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। गलियों में कूड़ा पड़ा रहता है और सफाई कर्मचारी कभी दिखाई नहीं देते। पार्षद से संपर्क नहीं हो सका वार्ड-19 कल्याणपुर दक्षिण की पार्षद ज्योति दिनेश पासवान से वार्ड की समस्याओं को लेकर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कार्यालय पर भी वे उपलब्ध नहीं मिलीं। ------------------ ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-54 बाहर से पॉश, अंदर देखिए कैसे जी रहे लोग:आवास विकास विनायकपुर में करंट के खतरे से जूझ रहे बाशिंदे, बोले- पोल हटने चाहिए बाहर से पॉश दिखने वाला आवास विकास विनायकपुर वार्ड-54 अंदर से मुसीबतों से भरा है। पार्कों की बदहाली, गंदा पानी और करंट के खतरे से लोग परेशान हैं। मध्यम और उच्चवर्गीय आबादी वाले इस वार्ड में बिजली के तारों का मकड़जाल नजर आता है। पोल और तार घरों के छज्जों से सटकर निकले हैं। वार्डवासी घर के अंदर भी अपने बच्चों की चिंता में दिन-रात परेशान रहते हैं। पार्कों में भी करंट का खतरा है। यहां के मुख्य पार्क में चार ट्रांसफार्मर रखे हैं। दैनिक भास्कर के कैमरे के सामने क्षेत्रवासियों ने विकास के दावों की पोल खोल दी। पूरी खबर पढ़ें… ------------------ ये खबर भी पढ़िए… कानपुर के VIP वार्ड-42 से विकास लापता, बदहाली हर तरफ:सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, कूड़ा-कचरा; आनंदेश्वर मंदिर जाने में श्रद्धालुओं को होती दिक्कत कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय का निवास जिस वार्ड में है वहां भी विकास के दावे जमीन पर नहीं मिले। वार्ड-42 परमट 40 वर्षों से जलभराव की बीमारी झेल रहा है। लोगों ने बताया कि बारिश में सड़कें तालाब हो जाती हैं। पानी घरों और दुकानों में घुसता है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर…
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