Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    16 लाख कर्मचारियों की ट्रांसफर पॉलिसी पर लगेगी मुहर:योगी कैबिनेट मीटिंग में आज 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी

    7 hours ago

    2

    0

    यूपी के 16 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साल 2026-27 की ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी मिलेगी। एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से जमे कर्मचारियों को हटाया जाएगा। समूह क व ख के 20 और समूह ग व घ के 10 प्रतिशत कर्मचारियों के तबादले हो सकते हैं। विभागीय मंत्रियों के अनुमोदन से मई के अंत तक ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने रविवार को कैबिनेट का एजेंडा जारी किया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मीटिंग सोमवार दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी। कैबिनेट में करीब 14 प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। प्रदेश में ‘एक जनपद एक व्यंजन योजना’ को मंजूरी मिलेगी। योजना के तहत लखनऊ, बनारस, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, मथुरा सहित प्रदेश के हर जिले के एक प्रमुख व्यंजन को नई पहचान दी जाएगी। नई ट्रांसफर पॉलिसी में खास क्या है? एक जगह तीन साल से जमे कर्मचारी हटेंगे नई ट्रांसफर पॉलिसी का मुख्य मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना और लंबे समय से एक जगह जमे हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को स्थानांतरित करके नई ऊर्जा लाने का है। नई पॉलिसी के अनुसार किसी जिले में तीन वर्ष और मंडल स्तर पर सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों का तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा। दिव्यांगों को मिलेगी राहत 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारी सामान्य तबादलों से छूट प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई दिव्यांग कर्मचारी स्वयं तबादला चाहता है तो उसे अपनी पसंद के जिले में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती दी जाएगी। जिन कर्मचारियों के परिवार में गंभीर रूप से दिव्यांग सदस्य- खासकर मंदबुद्धि या अक्षम बच्चे हैं, उन्हें भी उनकी इच्छा के अनुसार तैनाती देने का प्रस्ताव है। सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को यथासंभव एक ही जिले या निकटवर्ती जिलों में तैनात करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन आसानी से हो सके। समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। यदि पद मंडल स्तर का है तो गृह मंडल में भी नहीं भेजा जाएगा। अब उन 14 प्रस्तावों को जानिए, जो मीटिंग में रखे जाएंगे ऊर्जा विभाग राज्य कर विभाग खाद्य एवं रसद विभाग MSME विभाग न्याय विभाग हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कृषि विपणन विभाग माध्यमिक शिक्षा संस्कृति विभाग पंचायती विभाग कार्मिक विभाग ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश बोले- दिखावे के लिए दोनों डिप्टी सीएम साथ:REEL भी शेयर की; केशव का पलटवार- 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बीच वार-पलटवार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अखिलेश यादव ने शनिवार शाम करीब 5 बजे लिखा- एक-दूसरे को पीछे धकेलने की साजिश ही भाजपा की असली सच्चाई है। पूरी खबर पढ़िए…
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में 57 साल का अभ्यर्थी पहुंचा NEET परीक्षा देने:LU के पूर्व छात्र, MBA भी कर चुके; 37000 से ज्यादा बच्चों ने दिया पेपर
    Next Article
    UP में 38 IAS के ट्रांसफर, 8 DM बदले:इस्तीफा देने वाले रिंकू राही को पोस्टिंग मिली; IPhone लेने के आरोप में फंसे फिरोजाबाद डीएम हटे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment