Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    11वीं के 50% छात्रों को फेल करने का आरोप:मेरठ में छात्र नेता बोले- प्राइवेट ट्यूशन लेने वालों को टीचर ने किया पास

    4 hours ago

    2

    0

    मेरठ शहर के सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर में कक्षा 11वीं के करीब 50 प्रतिशत छात्रों के फेल होने को लेकर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया। आक्रोशित छात्रों ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र नेता शान मुहम्मद के नेतृत्व में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मामले की जांच की मांग की। छात्रों का आरोप है कि जिन शिक्षकों के पास उन्होंने ट्यूशन ली और अतिरिक्त फीस दी, केवल उन्हीं छात्रों को पास किया गया, जबकि अन्य छात्रों को जानबूझकर फेल कर दिया गया। उनका कहना है कि एक ही कक्षा में इतने बड़े स्तर पर छात्रों का फेल होना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन के दौरान विशेष रूप से साइंस और मैथ्स वर्ग के छात्रों ने सभी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच (री-चेकिंग) कराने की मांग उठाई। छात्रों ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं मिला और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। छात्र नेता शान मुहम्मद ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूलों और कॉलेजों में एनसीईआरटी की किताबें लागू नहीं की जा रहीं। उनकी जगह निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें जबरन बेची जा रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की व्यापक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही छात्रों ने यह भी मांग रखी कि एनसीईआरटी की किताबें आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ब्लॉक स्तर पर पुस्तक मेले आयोजित किए जाएं, ताकि छात्रों को सस्ती और मानक शिक्षा सामग्री मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने छात्रों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और छात्रों के भविष्य को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कासगंज में आंधी-बारिश में दो मासूम समेत 3 की मौत:मकानों के लेंटर और दीवारें गिरीं, खंभा गिरने से विद्यूत आपूर्ति बाधित
    Next Article
    कानपुर में सीएम ग्रिड योजना में अनियमितता का आरोप:आरएलडी नेताओं ने डीएम को सौंपा शिकायती पत्र, जांच की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment