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    1 अप्रैल से स्कूली वाहनों पर सख्ती:15 अप्रैल तक फिटनेस चेक, 15 साल पुराने वाहन होंगे बाहर, निगरानी पोर्टल पर अपलोड करना होगा डेटा

    4 hours ago

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    उत्तर प्रदेश शासन ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस की विशेष मुहिम चलाने का आदेश जारी किया है। इस दौरान सभी स्कूल बसों, वैन और ठेका गाड़ियों की शत-प्रतिशत जांच होगी। फिटनेस न होने या पुरानी फिटनेस पर चल रही गाड़ियों को जब्त कर लिया जाएगा। सभी स्कूल वाहन का पूरा डेटा स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल upisvmp.com पर अपलोड करना होगा। साथ में 100 रुपए के स्टाम्प पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा। स्कूल वाहन में जीपीएस, सीसीटीवी लगाना अनिवार्य रहेगा। ड्राइवरों के लिए 5 साल का न्यूनतम अनुभव, पुलिस वेरिफिकेशन, हेल्थ परीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने सभी BSA और DIOS को लिखा पत्र अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र भेजकर परिवहन आयुक्त के स्कूली वाहनों को लेकर जारी किए गए पूर्व के आदेश का शतप्रतिशत पालन करने को कहा है। परिवहन आयुक्त की ओर से स्कूल वाहन निगरानी के लिए एक पोर्टल upisvmp.com बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूली वाहनों की निगरानी, सत्यापन व सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। सभी स्कूलों को इस पोर्टल पर वाहनों का पूरा डेटाबेस 15 अप्रैल तक अपलोड करने के लिए कहा गया है। वाहन पोर्टल पर ये डेटा अपलोड करना होगा तीन तरह के स्कूली वाहनों की होगी जांच सुरक्षा समितियों की हर तीन महीने में करनी होगी बैठक जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति बनी रहेगी। इसी तरह स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति बनेगी। इसमें अभिभावक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे। दोनों समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर, जनवरी में करनी होंगी। इन बैठकों में वाहनों के पंजीकरण से लेकर पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले सारे बिंदुओं का परीक्षण करना होगा। आगरा की घटना के बाद सख्ती के आदेश हाल ही में आगरा में अनफिट स्कूली बस की चपेट में एक छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं, फतेहपुर में बिना परमिट वाली गाड़ी की दुर्घटना के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई थी। इसके बाद परिवहन आयुक्त किंजल सिंह की ओर से भी सभी डीएम और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को अभियान चलाने का निर्देश दिया है। पत्र के माध्यम से साफ किया गया है कि कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फिटनेस अभियान के दौरान लापरवाही पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन, प्रधानाचार्य और वाहन मालिक पर सख्त कार्रवाई होगी। यह अभियान पूरे प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय और मदरसा बोर्ड के सभी स्कूलों पर लागू होगा।
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