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    यूपी विधानसभा में विपक्ष की 'घेराबंदी':मजहबी आरक्षण के मुद्दे पर सीएम योगी ने सपा को याद दिलाया 1947 का विभाजन, निंदा प्रस्ताव पारित

    2 hours ago

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    उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में गुरुवार को भारी गहमागहमी देखने को मिली। महिला सशक्तीकरण और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर हुई लंबी चर्चा के बाद सदन ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा ने महिला आरक्षण की राह में मजहबी आरक्षण का रोड़ा अटकाकर देश के साथ द्रोह किया है। सत्र की समाप्ति के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मजहबी आरक्षण की आड़ में महिलाओं का हक मारा मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि भाजपा हमेशा से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की पक्षधर रही है, लेकिन धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध करती आई है और आगे भी करेगी। उन्होंने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा, "आप लोग मुस्लिम आबादी के नाम पर आरक्षण मांगकर महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना चाहते हैं। मजहबी आधार पर देश का विभाजन 1947 में हो चुका है, वैसी त्रासदी दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है।" संविधान की मूल भावना के खिलाफ है विपक्ष का आचरण सीएम योगी ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भारतीय संविधान लैंगिक समानता की बात करता है। मोदी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया है, लेकिन नीति-निर्धारण (संसद और विधानसभा) में अभी भी उन्हें उचित प्रतिनिधित्व की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' इसी खाई को पाटने के लिए लाया गया है, लेकिन विपक्ष इसमें बाधाएं खड़ी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। दिनभर चली चर्चा, गूंजा सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा विशेष सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने महिला सुरक्षा, शिक्षा और राजनीति में भागीदारी पर अपने विचार रखे। सदन में मौजूद सदस्यों ने माना कि महिलाओं को निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में शामिल करना अनिवार्य है। अंत में, मुख्यमंत्री द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर सदन ने अपनी मुहर लगाई। सत्र की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुई, जिसमें महिला सशक्तीकरण की दिशा में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई।
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