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    Venezuela Earthquake: भूकंप से वेनेजुएला में भारी तबाही, 188 मौतें, मलबे में दबे लोगों के लिए रेस्क्यू जारी

    21 hours ago

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    वेनेजुएला में शक्तिशाली भूकंप के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 188 हो गई है जबकि 200 से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इसके अलावा 1,500 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। इस बीच राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप से प्रांतों में भारी नुकसान हुआ और कई इमारतें ढह गईं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। ये भूकंप एक सदी से भी अधिक समय में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से हैं। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप के बाद देशभर में हजारों लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित ला गुएरा के तटीय इलाके में जानमाल का सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से देश का प्रमुख हवाईअड्डा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण विमानों का परिचालन रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि भूकंप का असर पड़ोसी देशों तक महसूस किया गया और काराकस से लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में भी कई इमारतों को खाली कराया गया। बृहस्पतिवार को टेलीविजन पर दिखाए गए दृश्यों में बचावकर्मी विभिन्न उपकरणों की मदद से मलबे के ढेर के बीच रास्ता बनाते हुए दिखे, जहां कभी इमारतें हुआ करती थीं।इसे भी पढ़ें: भारत के साथ Partnership को लेकर उत्साहित, Pax Silica Summit में बोले US अंडर सेक्रेटरी Jacob Helbergराजधानी काराकस में घबराए हुए लोग सड़कों पर निकल आए और भूकंप के बाद कई लोग मलबे के बीच लापता लोगों को ढूंढते दिखे। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बृहस्पतिवार को कहा कि भूकंप में कम से कम 188 लोगों की मौत हो गई और 1,500 से अधिक लोग घायल हो गए। रॉड्रिगेज ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा की और कहा कि कई क्षेत्रों में इमारतें ढह गई हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित ला गुएरा क्षेत्र भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित है, जिसे “आपदा क्षेत्र” घोषित किया गया है। रॉड्रिगेज ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की वजह से दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भूकंप के चलते काराकस के पास स्थित सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा, जबकि मेट्रो और गैस आपूर्ति सेवाएं भी रोक दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और कुछ स्कूल भवनों का इस्तेमाल राहत शिविरों व सहायता केंद्रों के तौर पर किया जाएगा। ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में ला गुएरा में एक अस्पताल के बाहर दर्जनों लोगों का इलाज होते हुए देखा जा सकता है, इनमें से कुछ जमीन पर लेटे थे और कुछ बिस्तरों पर थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उनका देश तत्काल खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता वेनेजुएला के लिए भेज रहा है। कई अन्य देशों ने भी वेनेजुएला को सहायता देने की पेशकश की है। रॉड्रिगेज ने बताया कि कतर से बचाव दल पहले ही रवाना हो चुके हैं, जबकि मैक्सिको और अल साल्वाडोर से भी टीमें पहुंचने वाली हैं।इसे भी पढ़ें: गुस्से में ट्रंप, NATO तहस-नहस! मार्क रूटे को व्हाइट हाउस में बुलाकर जमकर सुना दिया स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के दौरान इमारतें जोर-जोर से हिलने लगीं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गया, जिससे स्थिति और कठिन हो गई। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बचाव दल लगातार राहत और खोज अभियान चला रहे हैं। काराकस के निवासी हेक्टर रिकी ने बताया, “धीरे-धीरे सब हिलना शुरू हुआ और फिर बढ़ता गया, और आखिर में हम सभी को अपने घर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा।” अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 रही और इसका केंद्र देश के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन के पश्चिम में जमीन के भीतर 22 किलोमीटर की गहराई में था। यह जगह काराकस से करीब 170 किलोमीटर दूर स्थित है। यूएसजीएस ने ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता के दूसरे और अधिक शक्तिशाली भूकंप की सूचना दी। इस भूकंप का केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई में था। सैकड़ों लोगों ने पार्क, पार्किंग स्थलों और दूसरी खुली जगहों पर रात बिताई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जिन घरों को ढांचागत नुकसान पहुंचा है, उनमें वापस न जाएं।
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