Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वीसी की सख्ती पर सील हुआ अवैध कॉमर्शियल कांप्लेक्स:मुरादाबाद में हाईवे किनारे लुधियाना के कारोबारी ने दोमंजिला अवैध कांप्लेक्स बनाया;JE-AE ने लिया था ठेका

    7 hours ago

    2

    0

    मुरादाबाद में लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे के किनारे IFTM यूनिवर्सिटी के ठीक बराबर में लुधियाना के कारोबारी हरेंद्र पाल सिंह द्वारा अवैध रूप से बनाए जा रहे कॉमर्शियल कांप्लेक्स को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचल दस्ते ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई एमडीए के वीसी अनुभव सिंह के आदेश पर की गई है। दिल्ली नेशनल हाईवे के ठीक किनारे एमडीए इंजीनियरों की नाक तले यह अवैध निर्माण पिछले एक साल से धड़ल्ले से चल रहा था। हाईवे के ठीक किनारे हो रहे इस अवैध निर्माण के मामले में प्राधिकरण के अवर अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियर तक पर भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोप लग रहे थे। छोटे-छोटे अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने वाले एमडीए के इंजीनियरों ने यहां करीब 700 वर्ग मीटर में बने बेसमेंट और पूरे कॉमर्शियल कांप्लेक्स पर कभी कोई कार्रवाई नहीं की। मामला वीसी तक पहुंचा तो एमडीए के इंजीनियरों ने तर्क दिया कि निर्माण चोरी छुपे किया जा रहा था, जिस पर उनकी नजर नहीं पड़ी। क्या ये मुमकिन है कि हाईवे के ठीक किनारे जहां से एमडीए के इंजीनियर दिन में दस बार गुजरते हैं, वहां उन्हें यह बड़ा निर्माण नजर न आया हो। दरअसल एमडीए सूत्रों का कहना है कि इस अवैध निर्माण को कराने की एवज में एमडीए के जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक सभी को मैनेज किया गया था। बहरहाल फजीहत होने और मामला एमडीए वीसी की जानकारी में आने के बाद प्राधिकरण ने अब इस अवैध निर्माण को सील कर दिया है। सीलिंग आदेश में इंजीनियरों ने तर्क दिया है कि 2025 में निर्माण शुरू होने पर भी कारोबारी हरेंद्र पाल सिंह को नोटिस दिया गया था। लेकिन उसने इसके बाद भी चोरी छुपे अवैध निर्माण जारी रखा। इंजीनियरों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस निर्माण के लिए हरेंद्र पाल के पास न तो कोई स्वीकृत मानचित्र है और न ही एनएचएआई की एनओसी ही है। हैरानी है कि एमडीए ने लोधीपुर गांव के रकबे में हाईवे के ठीक किनारे हो रहे इतने बड़े निर्माण को महज एक नोटिस काटकर ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि 20-30 मीटर की दुकानें बना रहे मजदूरों के इसी प्राधिकरण के जेई देंवेंद्र यादव ने पिछले दिनों डंडे से बेरहमी से पीटकर हाथ-पैर तोड़ डाले थे। यहां लुधियाना के कारोबारी हरेंद्र पाल सिंह ने 700 वर्ग मीटर में बेसमेंट बनाकर ऊपर पूरा दोमंजिला कांप्लेक्स का लिंटर भी डाल दिया, लेकिन एमडीए अधिकारियों और इंजीनियरों को भनक तक नहीं लगी। यही वजह है कि एमडीए के इंजीनियरों पर रह-रहकर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लग रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अवैध निर्माणों को लेकर बाकायदा ठेका लिया जा रहा है। इन अभियंताओं पर कार्रवाई नहीं होने की वजह से सवाल प्राधिकरण अफसरों की नीयत पर भी खड़े हो रहे हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बुलंदशहर में प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से उतरवाईं बेंच:डायट परिसर में शिक्षिका पर आरोप, जांच के आदेश दिए गए
    Next Article
    श्रेयस अय्यर हैं IPL के असली चेज मास्टर, 124 से अधिक की औसत से बनाए हैं रन, विराट कोहली भी पड़ गए फीके

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment