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    वैभव इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर:15 साल 99 दिन में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरे, 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे

    17 hours ago

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    वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। वैभव 15 साल 99 दिन में इंग्लैंड के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेल रहे हैं। वैभव को उपकप्तान तिलक वर्मा ने डेब्यू कैप दी। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में पहला मैच खेला था। भारत ने दूसरे टी-20 में टॉस जीतकर बैटिंग का फैसला किया। इंडिया-इंग्लैंड के बीच T-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में चल रहा है। वैभव ने जोफ्रा आर्चर की बॉल छक्का जड़ा है। वे 10 बॉल पर 14 रन बनाकर पवेसियन लौट गए हैं। इंग्लैंड के गेंदबाज विल जैक्स के ऑफ स्टंप की बाहर की गेंद पर वैभव क्रीज छोड़कर बड़ा शॉट खेलने निकले, लेकिन बल्ला गेंद से नहीं लगा। विकेटकीपर जॉस बटलर ने गिल्लियां बिखेर दीं। वैभव ने मैच शुरू होने से पहले अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने अपने फोटो के साथ ‘न्यू चैप्टर' लिखा है। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर की जर्सी दी गई है। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी थी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। उन्होंने कहा कि ‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस दिन पहली बार बल्ला थामकर मैदान पर कदम रखा था, आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे अब तक के करियर का सबसे बड़ा कदम है और इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।’ चाचा राजीव सूर्चवंशी बोले- देश के लिए कई कृतिमान बनाएगा वैभव वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि 'यह समस्तीपुर जिला और देश के लिए खुशी की बात है कि मात्र 15 साल 99 दिनों में वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया है। आज पहला मैच था। पहले ही गेंद पर उसने छक्का लगाया। हालांकि वह 14 रनों पर आउट हो गया। आने वाले दिनों में वैभव का खेल और निखरेगा और देश के लिए कई कृतिमान बनाएगा।' ग्रामीण दिलीप कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है कि मात्र 15 साल में वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गया। मैं उसे बचपन से ही खेलते हुए देख रहा हूं। जबकि ग्रामीण अभिषेक कुमार ने कहा कि खुशी की बात है कि वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में गया है। आज उसने 14 रन बनाया है, लेकिन आने वाले मैच में वह बेहतर खेलेगा। 11 गेंदों में अर्धशतक लगाया था वैभव ने हाल ही में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज के फाइनल में सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। पढ़िए IPL के बाद वैभव सूर्यवंशी के दिए इंटरव्यू राजस्थान रॉयल्स की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में रोमी भिंडर ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा- IPL 2026 की जर्नी को किस तरह देखते हैं? इस पर वैभव ने कहा, "IPL का टूर्नामेंट दो से ढाई महीने तक चलता है। इसमें मेंटली और फिजिकली मजबूत रहना पड़ता है। हर मैच के बाद हम टीम में बैठकर चर्चा करते थे कि क्या कमी रह गई। कौन-सी गलती हुई और उसे दोबारा कैसे नहीं दोहराना है। इससे काफी फायदा हुआ, क्योंकि आपस में बातचीत करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।" ऑरेंज कैप छूने का शौक था, आज पहन रहा हूं रोमी भिंडर ने एक पुराना किस्सा याद दिलाते हुए कहा- वैभव जब पहली बार आपको ऑरेंज कैप मिली थी, तब आप हनुमान मंदिर गए थे और कहा था कि ऑरेंज कैप के बारे में नहीं सोचेंगे, वरना नजर लग जाएगी। इस पर वैभव ने मुस्कुराते हुए कहा, "जब मैं IPL में किसी खिलाड़ी के सिर पर ऑरेंज कैप देखता था, तो सोचता था कि एक बार इसे छूकर देखूं। आज खुद इसे पहन रहा हूं, तो बहुत अच्छा लग रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैंने इसके बारे में नहीं सोचा, क्योंकि मुझे लगता है कि ज्यादा सोचने से नजर लग जाती है।" फाइनल खेलता तो और ज्यादा अच्छा लगता क्या आप IPL 2026 के अपने परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं? के जवाब पर वैभव ने कहा, "अगर आखिरी मैच में हम जल्दी विकेट नहीं गंवाते, तो शायद IPL 2026 का फाइनल देख नहीं रहे होते, बल्कि खेलते। अगर टीम ट्रॉफी जीतती और उसके बाद मुझे ये अवॉर्ड्स मिलते, तो ज्यादा खुशी होती।" उन्होंने आगे कहा, "लोग पूछते हैं कि दूसरी ट्रॉफी कब आएगी। मुझे उम्मीद है कि सिर्फ दूसरी ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि आने वाले सालों में तीसरी, चौथी और पांचवीं ट्रॉफी भी जीतेंगे।" मुझे रेड बॉल खेलना पसंद है सुनील गावस्कर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा- कई लोगों ने मुझसे पूछा था कि मैं भविष्य में रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहता हूं या नहीं। मैंने इसी सवाल का जवाब सुनील गावस्कर सर को भी दिया था कि मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। मैं रेड-बॉल क्रिकेट के लिए लगातार प्रैक्टिस भी कर रहा हूं। अपने राज्य के लिए भी मैंने काफी रेड-बॉल मैच खेले हैं। रेड-बॉल और वनडे क्रिकेट में टीम की जरूरत के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी करनी होगी, मैं अपने खेल को उसी हिसाब से ढालूंगा।" वैभव ने आगे कहा, “मेरा सपना भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना है। बाकी सब भगवान पर छोड़ दिया है।” राजस्थान रॉयल्स में सिलेक्ट होने के बाद भगवान को हजार बार थैंक्यू बोला वैभव सूर्यवंशी ने कहा, "जब IPL ऑक्शन में मेरे लिए बोली लगी थी, तब मेरे मन में यह सवाल आया था कि मुझ पर सिर्फ दो टीमों ने ही बोली क्यों लगाई। मुझे लगता था कि मैं अच्छा खेलता हूं और ट्रायल्स में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा था, इसलिए बाकी टीमों को भी मुझमें रुचि दिखानी चाहिए थी।" हालांकि, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के प्रति आभार जताते हुए कहा, "पिछले करीब डेढ़ साल से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहने के बाद मैं भगवान को कम-से-कम हजार बार धन्यवाद दे चुका हूं कि उन्होंने मुझे इस टीम तक पहुंचाया।" वैभव ने आगे कहा, "यहां सपोर्ट स्टाफ से लेकर ट्रेनर तक सभी लोग बेहद सपोर्टिव हैं। पूरी टीम एक परिवार की तरह है। सीनियर खिलाड़ी लगातार मेरा मार्गदर्शन करते हैं और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।" वैभव ने ऑरेंज कैप समेत 5 अवॉर्ड जीते वैभव ने 16 पारियों में 48.50 के औसत और 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए थे। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। वे इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। उन्हें ऑरेंज कैप मिली है।
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