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    देवरिया में प्रदर्शन कर रहे सपाई हिरासत में:बरहज में वकील की मौत पर जता रहे थे विरोध, आरोपी प्रधान और पुत्र की गिरफ्तारी की मांग

    10 hours ago

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    बरहज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। ग्राम प्रधान और उनके पुत्र समेत अन्य आरोपियों पर दर्ज मुकदमे को लेकर समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को बरहज तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का कहना था कि मामले में निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। हालांकि प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद सपा कार्यकर्ता आंदोलन की तैयारी में जुटे रहे। प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए प्रदर्शन से पहले पुलिस अलर्ट, कई नेता हाउस अरेस्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बुधवार देर रात से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। सपा जिलाध्यक्ष समेत कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इसके बावजूद गुरुवार सुबह से ही दर्जनों की संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता बरहज तहसील और बराई डाक बंगले की ओर पहुंचने लगे। प्रशासन को आशंका थी कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सपा नेताओं ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। तहसील बनी पुलिस छावनी, तीन दर्जन नेता हिरासत में बरहज तहसील परिसर और मुख्य गेट को पुलिस ने पूरी तरह किले में तब्दील कर दिया था। भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, महिला पुलिस, फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीमें तैनात रहीं। मौके पर एसपी दक्षिणी सुनील सिंह, क्षेत्राधिकारी राजेश चतुर्वेदी, बरहज थानाध्यक्ष विशाल उपाध्याय, खुखुंदू थानाध्यक्ष राहुल सिंह, मईल थानाध्यक्ष संतोष कुमार और भलुअनी थानाध्यक्ष प्रदीप पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही करीब तीन दर्जन सपा नेता तहसील गेट पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। हल्की नोकझोंक के बाद सभी को हिरासत में लेकर बसों से अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया। क्या है पूरा मामला यह मामला 5 अप्रैल का है, जब लक्ष्मीपुर गांव में चकनाली की जमीन पर सीसी रोड निर्माण को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता विजेंद्र सिंह इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान राजेश यादव और उनके समर्थकों से उनकी कहासुनी हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान विजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया था और कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चला। दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी प्रधान अब भी फरार मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान राजेश यादव, दुबौली गांव के प्रधान गामा यादव, तारकेश्वर यादव, कुलवंत यादव, सुखवंत यादव उर्फ बीरू सहित आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अब तक ग्राम प्रधान के दो पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान राजेश यादव समेत अन्य नामजद अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं सपा नेताओं का कहना है कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। पूरे दिन बरहज क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और तनाव का माहौल बना। प्रदर्शन की कुछ और तस्वीरें देखें
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