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    दहेज हत्या में पति समेत 4 दोषियो को उम्रकैद:मऊ कोर्ट ने 10-10 हजार का लगाया जुर्माना, तीन साल बाद आया फैसला

    3 hours ago

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    मऊ में दहेज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति, ससुर, सास और जेठानी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर अर्थदंड भी लगाया है और सबूत मिटाने के मामले में अलग से सजा दी है। दहेज हत्या के करीब साढ़े तीन साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) दीप नारायण तिवारी ने सोमवार को पति, ससुर, सास और जेठानी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने चारों दोषियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपए वादिनी को देने का आदेश दिया गया है। क्या है मामला… मामला वर्ष 2021 में हुए विवाह से जुड़ा है। मधुबन थाना क्षेत्र के चकउथ निवासी उषा देवी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी शिवांगी की शादी दोहरीघाट के जमीराचौराडीह निवासी रंजीत से हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद ही पति रंजीत, ससुर बजरंगी, सास हेवन्ती और जेठानी सपना दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप के मुताबिक, 23 अक्टूबर को चारों ने मिलकर शिवांगी की मारपीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गोधनी हेड कैनाल के पास जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई घटना की सूचना मिलने पर वादिनी ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को अवगत कराया और दोहरीघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार पांडेय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। सबूत मिटाने पर अलग सजा कोर्ट ने हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी चारों दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त तीन वर्ष का कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है
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