Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने भरी हुंकार:प्रयागराज में मशाल जुलूस निकाला, कहा- काले कानून वापस लो

    3 hours ago

    2

    0

    अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले 15 शिक्षक संगठनों ने सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य करने के विरोध में रविवार को मशाल जुलूस निकाला। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, टीएससीटी, अटेवा, शिक्षामित्र संघ समेत अन्य संगठनों के नेतृत्व में करीब 250 की संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र और अनुदेशक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से एकत्र होकर मशालें जलाते हुए नारेबाजी करते सुभाष चौराहा पहुंचे। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 20-25 वर्ष की निष्ठावान सेवा को नजरअंदाज कर टीईटी जैसे 'काले कानून' को थोपा जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष नेता को ईमेल व पोस्टकार्ड भेजे गए। दूसरे चरण में मशाल जुलूस निकाला गया। यदि सरकार ने शिक्षा हित में कदम नहीं उठाया तो 3 मई को लखनऊ में प्रदेशस्तरीय महारैली और मानसून सत्र में संसद घेराव का ऐलान किया गया है। 5 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए TET अनिवार्यता पर शिक्षकों की राय टीचर सेल्फ केयर टीम एवं संयोजक, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ के अध्यक्ष विवेकानंद ने कहा कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से मुक्त किया जाए। इसकी अनिवार्यता 2010 के बाद लागू हुई है। RTE Act भी 2010 के बाद ही लागू किया गया है, तो उससे पूर्व के शिक्षकों पर इसे लागू किया जाना पूरी तरीके से अव्यावहारिक और असंवैधानिक है। प्रांतीय संगठन मंत्री ​अंकिता शुक्ला का कहना है कि हमारे वरिष्ठ शिक्षक, जो तत्कालीन अर्हता (योग्यता) पास करके शिक्षक बने थे, उनके ऊपर जबरन टीईटी परीक्षा थोपी जा रही है। ​जो कि उनकी गरिमा के खिलाफ है। जब वे शिक्षक बने थे, तो उस समय जो भी पात्रता परीक्षा थी, वह उन्होंने पास की थी। आज 25-30 सालों से वे प्राथमिक स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ा चुके हैं। अब वो बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं—कहीं वे शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर बन चुके हैं। हम स्वयं टीईटी पास हैं, लेकिन हम इस बात का सख्त विरोध करते हैं कि आज हमारे 50-55 साल के शिक्षकों को टीईटी पास करना पड़े। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह पटेल ने मांगों को लेकर कहा कि आरटीई (RTE) एक्ट के पूर्व जितने भी शिक्षक नियुक्त हुए हैं, उन सभी के लिए टीईटी (TET) से मुक्त किया जाए। सरकार अध्यादेश लाकर के इस काले कानून को वापस ले। जुलूस में विवेकानंद, राजेश सिंह पटेल, शंकर चंद्र, ज्ञान प्रकाश सिंह, शशांक मिश्र, जितेंद्र कुमार, उमेश शुक्ल, वसीम अहमद, रमेश राम, रमाकांत सिंह, शांति भूषण द्विवेदी, अवनीश मिश्र, सर्वेश कुमार सिंह, भोलानाथ पांडेय, रिचा मिश्रा, गोपी कृष्ण तिवारी, पुष्पराज सिंह, आरती जायसवाल, रुद्र प्रताप सिंह, कमलेश यादव समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    शोध टीम ने बनाई स्ट्रॉबेरी-फोर्टिफाइड दही:BHU में शोध टीम का सफल प्रयास, हृदय रोगियों के लिए होगा सहायक
    Next Article
    आगरा में फ्लाई-ओवर से 30 फीट नीचे गिरे बाइक सवार:रात को कार ने बाइक में मारी थी टक्कर, दोनों की मौके पर ही मौत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment