Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Tech की दुनिया में नई क्रांति, China का AI Collar अब Pets की हर भावना को समझेगा।

    15 hours ago

    1

    0

    चीन के स्टार्टअप ‘मेंग शियाओयी’ ने एआई आधारित एक स्मार्ट कॉलर तैयार किया है, जो पालतू जानवरों की आवाज को इंसानी भाषा में बदलने का दावा करता है। कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस जानवरों की भावनाओं को पहचान सकता है। इसकी बिक्री जल्द शुरू होगी। हालांकि कई लोग इसकी सटीकता और दावों को लेकर संदेह भी जता रहे हैं।अब पालतू जानवरों की भावनाओं को समझना शायद पहले से आसान हो सकता है। चीन की एक तकनीकी कंपनी ने ऐसा एआई कॉलर तैयार करने का दावा किया है, जो कुत्तों और बिल्लियों की आवाज को इंसानी भाषा में बदल सकता है। इस नई तकनीक को लेकर दुनियाभर में चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे भविष्य की बड़ी तकनीकी छलांग के तौर पर देख रहे हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार चीन के स्टार्टअप ‘मेंग शियाओयी’ ने यह खास उपकरण तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस पालतू जानवर के गले में पट्टे की तरह पहनाया जाता है। इसमें लगे माइक्रोफोन और मोशन सेंसर जानवरों की आवाज, हरकत और शारीरिक संकेतों को पढ़ते हैं। इसके बाद एआई तकनीक की मदद से उन्हें इंसानी भाषा में बदलने की कोशिश की जाती है।बता दें कि इस डिवाइस को अलीबाबा क्लाउड के ‘क्वेन एआई’ मॉडल की मदद से विकसित किया गया है। कंपनी का दावा है कि इस एआई को लाखों जानवरों की आवाजों और व्यवहार के नमूनों पर प्रशिक्षित किया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक करीब पचानवे प्रतिशत सटीकता के साथ बीस से ज्यादा तरह की भावनाओं को पहचान सकती है।गौरतलब है कि यह उपकरण केवल जानवरों की आवाज समझने तक सीमित नहीं है। कंपनी के मुताबिक इसका इस्तेमाल इंसानों और पालतू जानवरों के बीच दो तरफा संवाद के लिए भी किया जा सकता है। यदि मालिक इस डिवाइस में कुछ बोलता है, तो यह उसे कुत्ते के भौंकने या बिल्ली की आवाज जैसी ध्वनि में बदलकर जानवर तक पहुंचाने की कोशिश करता है।कंपनी की ओर से जारी एक प्रदर्शन वीडियो में दिखाया गया है कि बिल्ली के म्याऊं करने पर कॉलर से “मुझे खेलना है” जैसी आवाज सुनाई देती है। वहीं कुत्ते के भौंकने पर “मुझे भूख लगी है” जैसा संदेश सामने आता है। कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस हल्का है और इसका वजन करीब सत्ताईस ग्राम रखा गया है, ताकि जानवरों को परेशानी न हो।बताया जा रहा है कि इस एआई कॉलर की बिक्री तीस मई से शुरू होगी। इसकी शुरुआती कीमत करीब सात सौ निन्यानवे युआन यानी लगभग ग्यारह हजार रुपये रखी गई है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार में आने से पहले ही इसे दस हजार से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं।हालांकि सोशल मीडिया पर इस तकनीक को लेकर बहस भी शुरू हो गई है। कई लोगों ने कंपनी के पचानवे प्रतिशत सटीकता वाले दावे पर सवाल उठाए हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं का कहना है कि यह तय करना मुश्किल है कि एआई वास्तव में जानवरों की भावनाओं का सही अनुवाद कर रहा है या नहीं। वहीं कुछ पालतू जानवर प्रेमियों का मानना है कि उन्हें अपने जानवरों की भावनाएं समझने के लिए किसी तकनीक की जरूरत नहीं पड़ती।तकनीक के बढ़ते दौर में एआई अब इंसानों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में पालतू जानवरों के साथ संवाद की यह नई कोशिश लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ नहीं...ट्रंप ने किया साफ- ओबामा जैसी गलती नहीं कर सकता
    Next Article
    अब भारत लाए जाएंगे 2 बड़े ड्रग किंगपिन, इस मुस्लिम देश का मिल रहा पूरा सहयोग; इंटरपोल की भी ली जा रही मदद

    Related साइंस & टेक्नॉलजी Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment