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    शादी करेंगे कहकर 610 लोगों से 40 लाख ठगे:झांसी में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, 17 लड़कियां मुक्त कराई, मैनेजर गिरफ्तार

    2 hours ago

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    झांसी में शादी कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी मैरिज कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। यहां 18 से 20 साल की 17 लड़कियां काम कर रही थी। जो अधेड़ उम्र के लोगों को कॉल करके शादी के सपने दिखाती थी। वाकायदा उन्हें युवतियों के फोटो एल्बम भेजते और फिर लड़की पसंद आने पर ठगी का खेल शुरू हो जाता था। यही लड़कियां दुल्हन बनकर बात करती थी। पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क और फिर अन्य तरह की फीस बताकर लोगों को ठगा जाता था। अब तक ये 610 लोगों से 40 लाख रुपए ठग चुकी थी। गिरोह सरकारी कर्मचारी से लेकर अफसरों तक को अपना शिकार बना चुके थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर महिला मैनेजर को अरेस्ट कर लिया। वहीं, गैंग की सरगना महिला और उसका साथी युवक फरार हो गए। 17 लड़कियों को 5-5 हजार रुपए महीने की सैलेरी पर रखा गया था। इनका कोई दोष नहीं मिला। इसलिए पुलिस ने सभी को मुक्त कराते हुए उनके परिजनों को सौंप दिया। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के पॉश कॉलोनी सरयू विहार का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया- पुलिस को गुरुवार को सरयू बिहार कालोनी में एक रियाहशी बिल्डिंग में शुगुन मैरिज कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इस पर सीपरी बाजार थाना और साइबर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने छापा मारा। यहां एक या दो नहीं, बल्कि 17 लड़कियां काम कर रही थी। जिनकी उम्र 18 से 20 साल थी। उनके ऊपर एक महिला मैनेजर हिना कौशर तैनात थी। कॉल सेंटर नीतू प्रजापति और सतीश चला रहे थे, जो भागने में कामयाब हो गए। मौके से 7 कम्प्यूटर, 28 मोबाइ, एक टेबलेट, क्यूआर कोड सिस्टम व अन्य दस्तावेज बरामद हुए है। साथ ही इनके 9 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है। ऐसे काम करता था गिरोह सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया- 17 लड़कियां गरीब परिवार की थी। उनको 5–5 हजार रुपए की सैलेरी पर रखा गया था। गिरोह के आरोपियों के पास पहले से एक डेटा था। जिसमें ऐसे पुरुषों के नाम थे। जो शादी करने के इच्छुक थे और उनकी उम्र लगभग 50 साल के आसपास थी। इन्हीं लोगों को लड़कियां कॉल करती थी और शादी का झांसा देती थी। बातचीत आगे बढ़ने पर युवतियों की फाटो और वायोडाटा भेज देती थी। इसके बदले रजिस्ट्रेशन फीस लेती थी। यहीं से ठगी का खेल शुरू हो जाता था। भरोसा जीतने के लिए ये लड़कियां दुल्हन बनकर वीडियो कॉल पर बात करती थी। इससे लोग झांसे में आ जाते थे और फिर शादी की डील शुरू हो जाती थी। एक हजार से लेकर एक लाख तक ठगे सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लगभग एक साल से मैरिज कॉल सेंटर चल रहा था। जिसके जरिए अब तक 610 पुरुषों से 1000 से लेकर 1 लाख रुपए तक वसूले गए। गिरोह कुल मिलाकर लगभग 30 से 40 लाख का फ्रॉड कर चुका है जो 17 लड़कियां काम कर रही थी, वे काफी गरीब हैं और साइबर स्क्रेबी की प्रीडित हैं। उनको रेस्क्यू कर मुक्त कराया और काउंसलिंग कर उनके परिजनों को सौंप दिया। इनके माता पिता को इसके बारे में पता नहीं था। जिन पुरुषों को शिकार बनाया गया है, वे झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, कानपुर समेत पूरे देश से हैं।
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