Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शरीयत में दखलंदाजी किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं:गुजरात में UCC की सुगबुगाहट पर मौलाना शहाबुद्दीन बोले- बिखर जाएगा समाज का ताना-बाना

    2 hours ago

    1

    0

    गुजरात सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की कवायद के बीच 'ऑल इंडिया मुस्लिम जमात' ने कड़ा रुख अपनाया है। जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बयान जारी कर कहा कि समान नागरिक संहिता सीधे तौर पर शरीयत में मुदाखिलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज को यह कानून मंजूर नहीं है। शरीयत के खिलाफ हैं प्रस्तावित प्रावधान मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि गुजरात विधानसभा में पेश किए गए मुसव्वदे (ड्राफ्ट) की जो जानकारी सामने आई है, वह चिंताजनक है। इसके अनुसार, तलाक का अधिकार पुरुषों के साथ महिलाओं को भी दिया जाएगा, जबकि हलाला और इद्दत पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। इसके अलावा एक शादी की अनिवार्यता और दो बच्चों का नियम जैसे प्रावधान शामिल हैं। मौलाना ने कहा कि ये बातें सीधे तौर पर कुरान और हदीस के खिलाफ हैं। इन कानूनों का पालन न करने पर सरकारी योजनाओं से वंचित करने की चेतावनी देना भी अनुचित है। 79 सालों से लागू कानूनों को बताया पर्याप्त मौलाना बरेलवी के अनुसार, यह समस्या सिर्फ मुसलमानों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के अन्य समुदायों के लिए भी खड़ी होगी। उन्होंने तर्क दिया कि देश की आजादी के 79 सालों से संविधान, आईपीसी, फौजदारी और व्यक्तिगत कानून (Personal Laws) प्रभावी ढंग से लागू हैं, इसलिए अलग से यूसीसी की कोई आवश्यकता नहीं है। लॉ कमीशन की बदली भूमिका पर उठाए सवाल 21वें लॉ कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि पहले इसे 'गैर-जरूरी' करार दिया गया था, लेकिन 22वें लॉ कमीशन द्वारा दोबारा विचार-विमर्श करना हैरान करने वाला है। मौलाना ने सवाल उठाया कि महज एक साल के भीतर कमीशन की राय इस तरह कैसे बदल गई? यह देश के नागरिकों के लिए अचंभे की बात है। अहमदाबाद में बनेगी आंदोलन की रणनीति मौलाना ने घोषणा की कि यूसीसी का देशव्यापी विरोध किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अहमदाबाद (गुजरात) में धार्मिक उलेमाओं और बुद्धिजीवियों की बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन की रणनीति तैयार होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक ढांचे और कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्राथमिक शिक्षकों ने पेंशन समाप्त करने का किया विरोध:रायबरेली में DM को ज्ञापन दिया, आंदोलन की चेतावनी दी
    Next Article
    मुजफ्फरनगर में 24 राज्यों के खिलाड़ियों को किया जागरूक:महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन और आत्मरक्षा पर दिया विशेष संदेश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment