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    सावधान! पुरुषों में भी हो रहा ब्रेस्ट कैंसर:महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा जानलेवा, SGPGI में सालभर में 6 केस आए

    2 hours ago

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    ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में भी होता है। अहम बात ये है कि पुरुषों में ये बीमारी और ज्यादा जानलेवा हैं। इसके पीछे की वजह देर से इसकी पहचान होना होती है। जिस कारण समय से इलाज शुरू नहीं हो पाता है और फिर बीमारी लास्ट स्टेज कैंसर की तरह पूरे शरीर हो अपनी जद में ले लेती है। ये कहना है SGPGI के इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रमुख और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी की गई टॉप 2% ग्लोबल साइंटिस्ट लिस्ट में लगातार कई वर्षों से जगह बनाने वाले डॉ. गौरव अग्रवाल का। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पढ़िए ये रिपोर्ट… SGPGI में सामने आए 6 मेल ब्रेस्ट कैंसर के मामले डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि SGPGI लखनऊ में ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के इलाज में लंबे समय से काम कर रहा है। करीब ढाई दशक से ज्यादा समय तक ऐसे मरीजों के इलाज करने का अनुभव होने के नाते हमने इसके डायग्नोज और ट्रीटमेंट में कई अहम तरीकों को ईजाद करने में भी सफल रहे हैं। मौजूदा समय हर साल 400 से ज्यादा नए ब्रेस्ट कैंसर मरीजों का इलाज होता है। इनमें से करीब आधा दर्जन पुरुष ब्रेस्ट कैंसर के मरीज होते हैं। ऐसे में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को खारिज करना गलत है। 50% मामले एडवांस स्टेज में डिटेक्ट होते हैं डॉ. गौरव अग्रवाल कहते हैं कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के 50% से ज्यादा मामले एडवांस स्टेज में ही डिटेक्ट हो पाते हैं। यही कारण है कि इनके इलाज में भी कठिनाई में होती है और ये ज्यादा घातक हो जाते हैं। महिलाओं में इस कैंसर को लेकर बढ़ रही अवेयरनेस का नतीजा है कि अब दो-तिहाई मामलों की पहचान शुरुआती दौर में ही हो जाती है। इससे समय रहते इनका ट्रीटमेंट शुरू हो जाता है और फिर मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है। आंकड़ों से समझें कैसे फैल रहा ब्रेस्ट कैंसर डॉ. गौरव अग्रवाल कहते हैं कि नेशनल केसेस का जो ट्रेंड है, उसके अनुसार कह सकते हैं कि हर साल एक लाख की आबादी में 23 नए ब्रेस्ट कैंसर के मामले महिलाओं में सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी में भी यही एवरेज है। जबकि, पुरुषों में इसके मुकाबले रिस्क काफी कम होता है। दोनों के इलाज में ये है फर्क डॉ. गौरव कहते हैं कि मेल और फीमेल ब्रेस्ट कैंसर का इलाज में कुछ बेसिक फर्क है। जैसे पुरुषों में ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी नहीं होती है। इसके अलावा हार्मोन ट्रीटमेंट करते समय महिलाओं में ओवरीज को निकालकर सर्जरी की जाती है। पुरुषों के मामले में ये रिलेवेंट नहीं है। बाकी कीमोथेरेपी, सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और टारगेटेड थेरेपी जैसे ट्रीटमेंट के हिस्से दोनों में ही कॉमन होते हैं। आज से ब्रेस्ट कैंसर पर इंटरनेशनल वर्कशॉप का आगाज डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि राजधानी लखनऊ में 3 अप्रैल से इंटरनेशनल वर्कशॉप की शुरुआत हो रही है। इस कॉन्फ्रेंस में देश दुनिया के 250 से ज्यादा एक्सपर्ट्स शामिल हो रहे हैं। इस दौरान ब्रेस्ट कैंसर के इलाज और लेटेस्ट एडवांसमेंट पर मंथन होगा।
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