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    सुवेंदु PA हत्याकांड- गिरफ्तार राज सभासद का चुनाव लड़ चुका:मंत्री दयाशंकर के साथ तस्वीर; बलिया में मां बोलीं- बेटे को फंसाया गया

    5 hours ago

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    पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में यूपी से संदिग्ध शूटर गिरफ्तार किया गया है। अयोध्या से गिरफ्तार किया शूटर बलिया का रहने वाला है। है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से भी 2 संदिग्ध शूटर्स मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी बंगाल पुलिस ने पकड़ा है। तीनों को कोर्ट से 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद राज सिंह के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वह सभासद का चुनाव लड़ चुका है। राज का एक पोस्टर भी सामने आया है। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीरें भी हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है। बलिया जिला कोर्ट पहुंचीं राज की मां जामवंती ने कहा- मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है। हमारी बंगाल में कोई रिश्तेदारी नहीं है, न ही हम कभी बंगाल गए। मैं सरकार से मांग करती हूं कि बेटे के साथ न्याय हो। मामले की CBI से जांच कराई जाए। बंगाल चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने रथ की कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। 3 तस्वीरें देखिए- राज के घर पर ताला लगा, 3 साल पहले हत्या में नाम आया था राज सिंह बलिया सदर कोतवाली के आनंद नगर का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर सोमवार सुबह राज के घर पहुंचा, तो ताला लटका था। पड़ोसियों ने बताया कि रविवार देर रात गाड़ियों से कुछ लोग आए थे। मोहल्ले के कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी। राज की मां जामवंती सिंह पहले ही घर पर ताला लगाकर कहीं चली गई हैं। राज के बारे में पड़ोसियों ने बताया- उसके पिता केशव सिंह की मौत हो चुकी है। 3 साल पहले अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। राज सिंह के घर की 2 तस्वीरें राज की मां बलिया कोर्ट पहुंचीं, रोते हुए बोलीं- SOG ने बेटे को पकड़ा सोमवार दोपहर राज की मां बलिया जिला कोर्ट पहुंचीं। यहां उन्होंने रोते हुए कहा- 7 अप्रैल को मैं अपने बेटे के साथ एमएलसी साहब की शादी में लखनऊ गई थी। मेरे साथ बेटा राज, ड्राइवर ओम प्रकाश सिंह, बेटे का दोस्त मोनू सिंह और एक अन्य व्यक्ति था। मैं शादी स्थल के पास ही एक गेस्ट हाउस में रुक गई थी। बाकी लोग शादी में चले गए थे। रात 12 बजे के बाद सभी शादी से लौट आए थे। फिर हम लोग सो गए। अगले दिन सुबह (8 अप्रैल) हम अंबेडकर नगर के किछौछा शरीफ चले गए। वहां बाबा मखदूम अशरफ के दर्शन किए। इसके बाद अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। बच्चों को भूख लगी थी, इसलिए मैंने बच्चों को एक ढाबे पर खाना खिलाया। ‘सुबह बेटे से मिलवाया, फिर फ्लाइट से बंगाल ले गए’ जैसे ही हम वहां से निकले, एसओजी की टीम ने हमारी गाड़ी रोक ली। गाड़ी रोककर हम सभी को उठा लिया गया। हमें लेडीज थाने में रखा गया और बाकी लोगों को अलग रखा गया। हम लोगों को रात भर वहीं रखा गया। सुबह मुझे राज से मिलवाया गया। फिर बंगाल पुलिस राज को फ्लाइट से लेकर चली गई। मुझे नहीं पता कि उसके साथ आगे क्या हुआ? मेरा बेटा क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि उसे क्यों फंसाया जा रहा है? वकील ने कहा- गलत तरीके से हुई राज की गिरफ्तारी राज के वकील हरिवंत सिंह ने सोमवार दोपहर जिला कोर्ट परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- राज की गिरफ्तारी गलत तरीके से हुई है, क्योंकि गिरफ्तारी के समय ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया। उसे अपहरण करके ले जाया गया है। उसे किस आधार पर उठाया गया, यह तो पुलिस ही बताएगी। लेकिन, मेरे पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। उनके अनुसार 4, 5 और 6 अप्रैल की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में वह अपने घर पर मौजूद था। उन्होंने बताया- जो जानकारी हमारे पास है, उसके मुताबिक उसका किसी भी तरह से कोलकाता की घटना से कोई संबंध नहीं है। फिर भी उसे किस मामले में जोड़ा गया और क्यों उठाया गया, यह समझ से परे है। जिस मामले की बात हो रही है, वह मुख्यमंत्री के पीए की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। उसी केस से जोड़कर उसे गिरफ्तार किया गया है। हम लोग अब हर स्तर पर आवेदन दे रहे हैं- डीआईजी, आईजी, डीजीपी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भी लेटर दिया है। हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, लड़के के साथ न्याय किया जाए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि किसी को बिना ठोस आधार के इस तरह उठाया नहीं जा सकता। हवाई जहाज से अचानक किसी दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और गाड़ी की तस्वीरों से कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों ने पहचान और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। हमलावर के सुपारी किलर्स होने की आशंका, कार-बाइक जब्त बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा हमले में 2 बाइक शामिल थीं। इनमें से एक बाइक भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। दूसरी बाइक अभी नहीं मिली है। सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी सुवेंदु के साथ भाजपा में गई थीं सुवेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की सुवेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। --------------------------- यह खबरें भी पढ़ें… चंद्रनाथ हत्याकांड- हमलावरों ने 7 किमी तक पीछा किया, फिर गोली मारी; सुवेंदु बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए पीए की हत्या भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 7 मई को कहा कि उनके पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने ममता को हराया है। सुवेंदु ने कहा- हत्या की वजह भवानीपुर से ममता की हार हो सकती है। जांचकर्ताओं को पता चला है कि हमलावरों ने हमला करने से पहले उनकी गाड़ी का करीब सात किलोमीटर तक पीछा किया था। पूरी खबर पढ़ें… सुवेंदु के PA की हत्या, भाजपा विधायक बोले- मैंने कराहने की आवाज सुनी, दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा सुवेंदु के PA हत्याकांड को लेकर भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि जब चंद्रनाथ को गोली मारी गई उस वक्त वे उनके साथ फोन पर बात कर रहे थे। शंकर घोष बोले कि हम लोग आगामी शपथ ग्रहण की बात कर रहे थे। तभी फोन पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। फिर किसी के करहाने की आवाज आई। इस बीच मेरा फोन कट गया। दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा। पूरी खबर पढ़ें… ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- काशी में जम्मू-तवी एक्सप्रेस में यात्री की हत्या:बाथरूम से निकलते ही सिर में गोली मारी; ट्रेन में हत्या की दो दिन में दूसरी वारदात वाराणसी में जम्मू-तवी एक्सप्रेस ट्रेन के एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार रात 2 बजे बाथरूम से निकलते ही बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। इसी बीच ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई और हमलावर ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
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