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    संत प्रेमानंद पहुंचे श्री पहाड़ी बाबा गौशाला:भगवान सीताराम के स्वरूप की आरती की,संत मलूकदास जी के 452 वें जयंती महोत्सव में हुए शामिल

    1 hour ago

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    श्री मद जगद्गुरु मलूकदास महाराज की 452 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भगवान सीताराम के अष्टयाम लीला में शामिल होने के लिए चौथे दिन संत प्रेमानंद महाराज पहाड़ी बाबा गौशाला में आयोजित समारोह में पहुंचे। यहां संत प्रेमानंद महाराज ने साधु संतों के दर्शन किए और भगवान सीताराम के स्वरूपों का पूजन अर्चन किया। संत प्रेमानंद महाराज यहां करीब एक घंटे तक रहे। साधु संतों का किया सम्मान महोत्सव में शामिल होने पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज ने मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज से आत्मीय मुलाकात की। दोनों संतों ने एक दूसरे का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने वहां मौजूद स्वामी हरिदास जी की परंपरा के संत गोरेलाल पीठ वाले महाराज, रसिक माधव दास सहित वहां मौजूद अन्य संतों का माला पहनाकर स्वागत किया। सीताराम के स्वरूपों को अर्पित किया प्रसाद पहाड़ी वाले बाबा गौशाला में चल रहे उत्सव में शामिल होने पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज ने वहां चल दही भगवान सीताराम की निकुंज की अष्टयाम लीला का दर्शन किया। स्वामी कुंज बिहारी जी के निर्देशन में आयोजित अष्टयाम लीला में उत्सव के चौथे दिन राजभोग की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने भगवान सीताराम के स्वरूपों को अपने हाथों से प्रसाद अर्पित किया। निकुंज लीला दर्शन देवताओं के लिए भी दुर्लभ - डॉ राजेंद्र दास देवाचार्य श्री सीताराम जी की निकुंज अष्ट याम लीला का दर्शन एवं श्रवण देवों के लिए भी अत्यंत दुर्लभ है। यह कहना है श्रीमद जगद्गुरु डॉ राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज का। श्री पहाड़ी बाबा गौशाला में श्री मलूक दास जी महाराज के 452वें जयंती महोत्सव पर आयोजित श्री सीताराम जी की निकुंज अष्ट याम लीला दर्शन के अंतर्गत चतुर्थ याम लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब आज से लगभग 225 वर्ष पूर्व अयोध्या स्थित कनक भवन में प्रथम बार इस अष्ट याम लीला के आयोजन से पूर्व बहुत ही कठिन अर्हताओं के पूर्ण होने के बाद ही श्रोता को श्रवण एवं दर्शन हेतु अनुमति प्राप्त हो पाई थी। उन्होंने कहा कि इसका कारण यही था कि ठाकुर जी की निकुंज लीलाओं को देखने का अधिकार स्वयं श्री युगल सरकार के अति कृपा प्राप्त रसिक भक्तों के अतिरिक्त देवताओं को भी प्राप्त नहीं है। इंद्रेश महाराज ने किए लीला के दर्शन इस अवसर पर उन्होंने ठाकुर श्री सीताराम जी की राजभोग सेवा का बहुत ही भावपूर्ण वर्णन किया। इससे पूर्व श्री सीताराम जी की निकुंज अष्ट याम लीला दर्शन में सुदामा कुटी आश्रम के श्री महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज,प्रसिद्ध कथा वाचक इंद्रेश महाराज आदि ने उपस्थित होकर युगल सरकार के लीला स्वरूपों का पूजन किया एवं राजभोग सेवा की। इस अवसर पर गोलोक धाम के महाराज जी, संत रसिक माधव दास जी महाराज, अनुराग दास जी सहित अनेकों संत एवं महंत भी उपस्थित रहे।
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