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    सेशेल्स में भारतीय समुदाय से मिले PM मोदी:गणेश मंदिर में पूजा भी की; महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर भारत रवाना हुए

    11 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के आखिरी दिन भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने विक्टोरिया में प्रवासी भारतीयों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। प्रधानमंत्री ने अरुल मिहु नवशक्ति विनायकर मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विक्टोरिया के पीस पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इसके बाद वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए है। इससे पहले भारत और सेशेल्स ने 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। इनमें सेशेल्स में UPI आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करना, 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन), साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति शामिल है। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर ये समझौते किए गए। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… सेशेल्स के गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट बने मोदी मोदी ने रविवार को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। वह सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इस साल सेशेल्स की आजादी और भारत-सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष भी पूरे हुए हैं। राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नौसेना के मार्चिंग बैंड ने हिस्सा लिया। परेड के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारतीय सैन्य दल के सम्मान में खड़े हो गए। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षाक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे। इससे पहले उन्हें सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें 1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि PM मोदी 28 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनी। 2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) 'पीएस लेस्पवार' गिफ्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। 3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे। 4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे 'डबल कोकोनट' भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम 'कोको डी मेर' पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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