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    संस्थान के नाम को समाज का न बतांए- युद्धवीर सिंह:मेरठ में अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा_ संयमित रहे जाट समाज, बहकावे में न आए

    3 hours ago

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    मेरठ के सकौती में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा से जाट शब्द हटाने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद में अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह मेरठ पहुंचे। इस प्रकरण पर उन्होंने कुछ अहम बातें साझा करते हुए अपनी महासभा के कार्यकर्ताओं से बातचीत कर समाज को संयमित रहने का संदेश दिया। संस्थान का नाम हटा ना कि समाज का युद्धवीर सिंह ने कहा कि उस प्रकरण में एक संस्थान का नाम हटाया गया जिसको इस तरीके से दिखाया गया कि वह समाज का नाम हटाया गया। मैं शुक्र गुजार हूं खास तौर पर हमारे समाज के युवाओं का जिन्होंने स्थिति को समझा और बिना किसी अफवाह पर ध्यान दिए शांति प्रिया तरीके से अपना काम करते रहे। अन्यथा अगर जितना आक्रोश समाज में नाम हटाने को लेकर था समाज के व्यक्ति आवेश में आकर बहुत बड़ी अनहोनी भी कर सकते थे। पलसानिया का एजेंडा क्लियर है उन्होंने कहा कि जिस संस्थान द्वारा यह मूर्ति का अनावरण कराया गया था उसके संस्थापक जो चौधरी चरण सिंह के बारे में भी कुछ बोले हैं। उनका एजेंडा बहुत पहले से क्लियर है उन्होंने बहुत पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने स्पष्ट किया था कि अब वह इस संस्थान के माध्यम से जाट समाज को भाजपा से जोड़ने का काम करेंगे। इसी पर वह काम कर रहे हैं लेकिन हमारे समाज के लोग बहुत जल्दी ही बातों को भूल जाते हैं इसलिए फिर भी वह इससे जुड़े हैं। कौन नहीं जानता महाराजा सूरजमल का इतिहास युद्धवीर सिंह ने कहा की मूर्ति अनावरण के कार्यक्रम के दौरान मंच से कुछ लोगों ने यह कहा कि वह अब महाराजा सूरजमल से उनके इतिहास से हमें अवगत कराएंगे लेकिन यहां ऐसा कौन है जो ऐसे महान व्यक्तित्व से परिचित नहीं है। यदि जाट समाज में कोई ऐसा व्यक्ति है जो महाराजा सूरजमल को न जानता हो तो उसको डूब कर मर जाना चाहिए। चौधरी चरण सिंह के लिए भारत रत्न कुछ नहीं उन्होंने कहा कि इस बात में कोई भी सच्चाई नहीं है, इस देश में ऐसा कोई वर्ग नहीं है ऐसी कोई बिरादरी नहीं है जो चौधरी चरण सिंह को न जानता हो। इसके साथ-साथ उन्होंने रामवतार पलसानिया की बात करते हुए कहा कि उन्होंने यह भी कहा था की चौधरी साहब को भारत रत्न हमारे कहने से मिला है यदि ऐसा है तो हम उसे भारत रत्न को भी वापस लौटाने के लिए तैयार है। ऐसा इसलिए क्यांकि भारत रत्न जैसा सम्मान चौधरी चरण सिंह के लिए कोई अहमियत नहीं रखता है, क्योंकि आजकल यह सम्मान ऐसे लोगों को भी मिल गया जो कहीं से कहीं तक भी चौधरी चरण सिंह का मुकाबला नहीं कर सकते हैं। वह एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो हर वर्ग में हर बिरादरी को साथ लेकर चलते थे। कुर्मी समाज उनको कुर्मी समझता था, यादव समाज उनको यादव समझता था, जाट समाज उनको जाट समझता था। वह जाट जरूर थे लेकिन उनके अंदर जातिवाद नहीं था। मेरठ मण्डल अध्यक्ष चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सर्वसमाज के सर्वमान्य नेता थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में किसानों, गरीबों एवं वंचित वर्ग के कल्याण हेतु निरंतर कार्य किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रवीन्द्र बलियान,शेरा जाट, चौधरी बलराज सिंह, धर्मपाल सिंह (सदर), गौरव जिटौली , सचिन देव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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