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    संसद का Budget Session समाप्त, महिला आरक्षण बिल अटका, जानें क्या रहा सत्र का लेखा-जोखा

    3 hours from now

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    संसद के दोनों सदनों को आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही संसद का बजट सत्र समाप्त हो गया, जो इस वर्ष 28 जनवरी को शुरू हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किए जाने के साथ हुई। पहले यह सत्र दो अप्रैल को संपन्न होना था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ विधेयक और इससे संबंधित दो अन्य विधेयकों पर चर्चा करने और इन्हें पारित कराने के मकसद से सत्र को बढ़ा दिया गया था तथा 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी। यह संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया। इसे भी पढ़ें: Women Reservation Bill पर Rekha Gupta का हमला, 'महिला विरोधी' रुख पर Opposition को घेराविधेयक पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और नौ पारित किए। पारित किए गए वित्त विधेयकों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक और जन विश्वास संशोधन विधेयक प्रमुख है।राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के 270वें सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह न केवल सबसे लंबा सत्र होता है, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने में भी सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सभापति ने बताया कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा से हुई, जो चार दिन तक चली और इसमें 79 सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी चार दिन तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें 97 सदस्यों ने भाग लिया।  इसे भी पढ़ें: Women Reservation पर Lok Sabha में गरजे Amit Shah, INDI गठबंधन बन रहा है रोड़ाइसके अलावा, सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी चर्चा हुई। सभापति ने कहा कि सत्र में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर तथा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी ओर से वक्तव्य दिए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे भारत की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सदन को अवगत कराया और इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया। सभापति के अनुसार, बजट सत्र के दौरान सदन में कुल 157 घंटे 40 मिनट तक कामकाज हुआ और इसकी कार्य उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान 117 प्रश्न पूछे गए, 446 शून्यकाल उल्लेख हुए और 207 विशेष उल्लेख लिए गए।
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