Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    स्पेन के खिलाफ 7सेव कर वोजिन्हा मैन ऑफ द मैच:संन्यास का मन बदल दोस्तों के कहने पर लौटे वोजिन्हा; सालभर बाद ही छा गए

    1 day ago

    1

    0

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में अफ्रीका के द्वीपीय देश केप वर्डे ने ऐसा उलटफेर किया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। स्पेन जैसी दिग्गज टीम को 0-0 पर रोक मैच ड्रॉ कर दिया। इस कामयाबी के पीछे केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा रहे। उन्होंने सात सेव कर केप वर्डे को उसके वर्ल्ड कप इतिहास का पहला अंक दिलाया और अपने डेब्यू मैच में क्लीन शीट रखने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर बन गए। मैच खत्म होने के बाद दुनिया उनकी तारीफ कर रही थी, लेकिन इस एक रात की सफलता के पीछे करीब दो दशक का संघर्ष, इंतजार और अधूरा सपना छिपा था। पढ़िए वोजिन्हा के कई किस्से... बचपन में हारकर घर भागते तो दोस्त ‘दादी’ कहकर चिढ़ाते थे, उसी निकनेम से दुनिया में पहचान बनाई वोजिन्हा का असली नाम जोसिमार जोस इवोरा डायस है। उनके पिता ने यह नाम ब्राजील के फुटबॉलर जोसिमार से प्रेरित होकर रखा था। लेकिन दुनिया उन्हें ‘वोजिन्हा’ नाम से जानती है। बचपन में वे इलाके के बड़े लड़कों के साथ फुटबॉल खेलते थे। इस दौरान साथियों द्वारा पिटाई लगने या हार मिलने पर गुस्से में खेल छोड़कर घर भाग जाते थे। तब साथी मजाक उड़ाते हुए कहते, ‘देखो, यह अपनी दादी के पास शिकायत करने जा रहा है।’ स्थानीय पुर्तगाली भाषा में ‘वोजिन्हा’ का मतलब ‘दादी’ होता है। यही नाम उनकी पहचान बन गया। - स्पेन के खिलाफ जब वोजिन्हा को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया, तो वे भावुक हो गए और बताया कि इस खास दिन पर उनकी मां स्टेडियम में मौजूद नहीं थीं। पैसों की कमी से मां का वीसा नहीं बना और वे वर्ल्ड कप देखने अमेरिका नहीं आ सकीं। वोजिन्हा ने रोते हुए अपने दादा-दादी को भी याद किया, जो अब जीवित नहीं हैं। - वोजिन्हा ब्राजीलियाई संस्कृति में पले-बढ़े हैं। बचपन से घरवाले ब्राजीलियन टीवी और म्यूजिक प्रोग्राम देखा करते। वे याद करते हैं कि दादा‑दादी और पिता अक्सर ब्राजील के टीवी शो और फिल्में देखते थे। - 2012 में डेब्यू करने वाले वोजिन्हा ने 2025 में टीम छोड़ने का मन बना लिया था। पिछले साल उन्हें टीम से बाहर कर ब्रूनो वरेला को मौका दिया गया और टीम एफकॉन के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई। इससे वे काफी निराश हुए। वोजिन्हा ने माना कि तब संन्यास लेने के बारे में गंभीरता से सोच रहे थे। हालांकि दोस्तों ने उन्हें वर्ल्ड कप का सपना याद दिलाया और जल्दबाजी में फैसला न लेने को कहा। एक साल बाद वोजिन्हा वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ प्रसिद्ध हो गए। - स्पेन के खिलाफ मुकाबले से पहले वोजिन्हा दुनिया के लिए अनजान थे। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन इस मैच के बाद कुछ ही घंटों में उनके फॉलोअर्स 70 लाख से अधिक हो गए। - उन्होंने 18 की उम्र तक नहीं सोचा था कि वर्ल्ड कप में खेलेंगे और पूरी दुनिया उनका नाम जानेगी। बता दें कि इस मैच के साथ वोजिन्हा 40 की उम्र में वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाले इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे मिस्र के गोलकीपर एस्साम अल-हदारी (45 साल) हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वर्ल्ड कप का नया ‘कलर कोड; गुलाबी जूतों का राज:लोगों का ध्यान खींचने और अलग दिखने के लिए खिलाड़ियों की पसंद बना
    Next Article
    ब्राजील की दिग्गज क्रिकेटर ने 40 साल की उम्र में किया संन्यास का ऐलान, 13 साल के करियर पर लगा विराम

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment