Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सलीम वास्तिक X मुस्लिम है, सनातनी नहीं:महामंडलेश्वर यति बोले- मुसलमान होने के नाते मां और महादेव के दर्शन नहीं करने दिए

    2 hours ago

    2

    0

    अपहरण-हत्या के मामले में गिरफ्तार एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान अब तिहाड़ जेल में बंद है। 26 साल तक दिल्ली पुलिस को चकमा देने वाले सलीम की हर दिन नई कहानी सामने आ रही है। सलीम खुद को एक्स मुस्लिम बताकर 6 साल पहले हिंदूवादी नेता और महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद से मिला था। यति नरसिंहानंद गाजियाबाद के डासना मंदिर के प्रमुख और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं। वह अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चाओं में बने रहते हैं। 2024 में यति नरसिंहानंद के विवादित बयान के बाद मुस्लिम समुदाय की 4 हजार की भीड़ ने मंदिर को घेरकर हमला करने का प्रयास किया। जिसके बाद यूपी पुलिस ने यति नरसिंहानंद को 20 दिन अज्ञात स्थान पर अपनी निगरानी में रखा। सलीम ने कभी अपना नाम नहीं बदला। बल्कि अपने नाम से खान हटाकर वास्तिक लिख लिया। वह अपना यूट्यूब चैनल चलाता था। पुलिस से बचने के लिए करीब 8 साल तक मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। कभी गाजियाबाद में महिलाओं के कपड़े बेचे तो कभी मेरठ और मुजफ्फरनगर में मस्जिद में छिपा रहा। हरियाणा के अंबाला और करनाला में भी कारपेंटर बनकर घरों में अलमारी बनाने का काम भी किया। यति बोले मंदिर में एक्स मुस्लिम के नाते आता 27 फरवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित घर में बने ऑफिस पर दो हमलावरों ने जिहाद के खिलाफ बोलने पर सलीम वास्तिक का गला रेत दिया। सलीम को 14 चाकू मारे गए थे। जिसके बाद सलीम एक महीने तक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहा। सलीम पर हमले का सीएम योगी ने संज्ञान लिया तो गाजियबाद पुलिस ने हमला करने वाले जीशान और गुलफाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सलीम को हिंदूवादी नेताओं ने पूरा सहयोग किया। इनमें भाजपा से लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी हैं। यह सलीम से मिलने भी गए, और सुरक्षा का भी आश्वासन दिया। यति नरसिहांन गिरी ने कहा सलीम वास्तिक सनातनी नहीं था, वह सिर्फ एक्स मुस्लिम था। जिहाद के खिलाफ नहीं बल्कि सच्चाई बोलता था। इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों को पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए। महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि सलीम के मैंने 2 बाद कार्यक्रम भी कराए हैं। वह मंदिर में आता तो मुझे प्रणाम करके पैर छूता था। चूंकि वह मुसलमान था और डासना मंदिर में मुस्लिमों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है। यहां सनातन धर्म को मानने वालों के लिए ही जगह है। हमने सलीम को कभी महादेव और मां के दर्शन नहीं करने दिए। इस मंदिर में कोई भी मुसलिम दर्शन नहीं कर सकता। वह आता था, कमरे में मुझसे मिलता था। अब पढ़िए सलीम वास्तिक कैसे बचता रहा पहले मुजफ्फरनगर, फिर मेरठ में छिपा संदीप बंसल हत्याकांड के करीब 2 साल बाद 1997 में दिल्ली कोर्ट से सलीम को उम्रकैद की सजा हुई। इसके 3 साल बाद साल- 2000 में सलीम अग्रिम जमानत पर आया और फिर फरार हो गया। सलीम से पूछताछ में दिल्ली पुलिस को पता चला कि भागने के बाद वह मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में एक मस्जिद में रहा, जिससे पुलिस उसे तलाश नहीं कर सके। इसके बाद अपनी रिश्तेदार के जरिए कुछ दिन मेरठ के लिसाड़ीगेट में रुका। 2001 में सलीम यूपी से भागकर हरियाणा पहुंचा। वहां उसने अंबाला और करनाल में कारपेंटर का काम किया। 2010 में वह गाजियाबाद के लोनी में बस गया। इस बीच साल- 2015 तक सलीम ने मोबाइल फोन तक नहीं चलाया। पहले सिर्फ अपनी पत्नी और साले के फोन से ही वह रिश्तेदारों को कॉल करता था। उसके बाद उसने यू-ट्यूब चैनल चलाया। दिल्ली पुलिस ने एक महीने तक रेकी कर पकड़ा 27 फरवरी, 2026 को सलीम पर 2 सगे भाइयों ने जानलेवा हमला किया था। सलीम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती हुआ, उसके बाद उसे मैक्स भेज दिया गया। यहां से उसके फिंगर प्रिंट लिए गए। इसी दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि सलीम खान हमारे यहां से 26 साल पहले फरार हुआ मुजरिम है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गोपनीय ढंग से जांच शुरू की। लोनी स्थित जिस घर में बने ऑफिस में सलीम पर हमला हुआ था, वहां भी पुलिस जांच करती रही। इसी बीच दिल्ली पुलिस को पता चला कि पहले हुई में पिटाई में सलीम का एक पैर टूट गया था। सलीम कभी-कभी खुद भी यह कहता था कि मैंने बहुत बदमाश देखे हैं। इससे सलीम पर पुलिस का शक और भी बढ़ने लगा। सलीम ठीक हुआ, तो पुलिस ने पूरी तरह से निगरानी शुरू कर दी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नोएडा की 150 किमी सड़क मरम्मत अटकी:बिटुमिन की कमी से रिसर्फेसिंग रुकी, गड्ढों से जूझ रहे लोग
    Next Article
    कासगंज सीट पर भाजपा से पहली पसंद बने डीएस लोधी:सपा से पसंदीदा उम्मीदवार प्रवेन्द्र राना, बसपा से ललित गौतम; बाकी कैंडिडेट्स के बारे में जानिए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment