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    Attention! Watermelon Silent Killer | गर्मियों में ठंडक देने वाला मीठा कातिल! क्या आप भी खा रहे हैं जानलेवा तरबूज़? एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

    3 hours from now

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    तपती गर्मियों में जब गला सूखने लगता है, तो लाल, रसीला और ठंडा तरबूज़ किसी वरदान से कम नहीं लगता। शरीर को हाइड्रेट करने और ताज़गी देने वाला यह फल हर घर की पसंद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस फल को आप अपनी सेहत बनाने के लिए खा रहे हैं, वह आपके और आपके परिवार के लिए 'डेथ वारंट' भी साबित हो सकता है? जी हां, हालिया मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की चेतावनी ने तरबूज़ को लेकर एक खौफनाक सच उजागर किया है। जिसे हम अमृत समझ रहे हैं, वह कुछ स्थितियों में साइलेंट किलर बन सकता है। इसे भी पढ़ें: जय सोमनाथ पुस्तक आत्मसम्मान और विजय के अटूट भाव की गाथा है: सुरेन्द्र अरोड़ाएक रात में उजड़ गई पूरी दुनियाघटना शनिवार रात (25 अप्रैल) की है। स्थानीय व्यापारी अब्दुल्ला डोकाडिया (40) अपनी पत्नी नसरीन (35) और दो बेटियों आयशा (16) और ज़ैनब (13) के साथ रिश्तेदारों के यहाँ दावत पर गए थे। मेनू में लजीज बिरयानी थी और परिवार के 5 अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। रात 10:30 बजे तक सब कुछ सामान्य था। दावत के बाद परिवार अपने घर लौटा। लेकिन मौत का असली खेल आधी रात के बाद शुरू हुआ।आधी रात को तरबूज़ काटा और फिर...पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे बच्चों को दोबारा भूख लगी। घर में रखे एक तरबूज़ को काटा गया और पूरे परिवार ने उसे खाया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह उनके जीवन का आखिरी फल साबित होगा। तड़के 5 बजे के करीब चीख-पुकार मच गई। परिवार के चारों सदस्यों को भीषण उल्टी और दस्त शुरू हो गए। उनकी हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि पड़ोस में रहने वाले डॉक्टर की कोशिशें भी नाकाम रहीं। आनन-फानन में उन्हें जेजे (JJ) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक ही झटके में अब्दुल्ला, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों की जान चली गई। इसे भी पढ़ें: जय सोमनाथ पुस्तक आत्मसम्मान और विजय के अटूट भाव की गाथा है: सुरेन्द्र अरोड़ाक्या तरबूज़ बना 'साइलेंट किलर'?पायधुनी पुलिस इस मामले की 'फ़ूड पॉइज़निंग' (खाने में ज़हर) के एंगल से जांच कर रही है। हालांकि दावत में बिरयानी और भी लोगों ने खाई थी, लेकिन मौत सिर्फ उसी परिवार की हुई जिसने रात को तरबूज़ खाया था।पूरी मुंबई में दहशत, पुलिस की अपीलइस दुखद घटना के बाद पायधुनी और दक्षिण मुंबई के इलाकों में सन्नाटा पसरा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और खाने के सैंपल की जांच की जा रही है। डॉक्टरों की चेतावनी: "गर्मियों में फल खरीदते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। कटा हुआ तरबूज़ या सड़क किनारे बिक रहे फलों से बचें। अगर फल के रंग या स्वाद में ज़रा भी शक हो, तो उसे तुरंत फेंक दें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को खत्म कर सकती है।" यह घटना हमें याद दिलाती है कि खाने-पीने में थोड़ी सी भी चूक कितनी भयानक हो सकती है। जो तरबूज़ गर्मी से राहत देने के लिए जाना जाता था, आज वह एक परिवार की मौत की वजह बनकर खबरों में है।मिठास के पीछे छुपा है मौत का जालतरबूज़ अपने आप में बुरा नहीं है, लेकिन इसकी बनावट (ज्यादा पानी और चीनी) इसे बैक्टीरिया के पनपने का सबसे सुरक्षित अड्डा बना देती है। यदि इसे सही तरीके से न संभाला जाए, तो इसमें साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज़ से होने वाली फ़ूड पॉइज़निंग सिर्फ पेट खराब होने तक सीमित नहीं रहती। दुर्लभ मामलों में, यह संक्रमण खून में फैलकर सेप्सिस पैदा कर सकता है और देखते ही देखते इंसान की जान ले सकता है।कैसे बनता है यह 'मीठा कातिल'?आखिर एक फल जानलेवा कैसे हो जाता है? इसके पीछे ये 3 बड़े और डरावने कारण हैं: लाल रंग का खौफनाक खेल (इंजेक्शन): बाज़ार में मुनाफा कमाने के लिए कुछ विक्रेता तरबूज़ में एरिथ्रोसिन (लाल रंग) और ग्लूकोज के इंजेक्शन लगाते हैं। अस्वच्छ सुइयों के जरिए सीधे फल के अंदर पहुंचने वाले ये बैक्टीरिया शरीर के अंगों को फेल करने की ताकत रखते हैं। गंदा चाकू और अनदेखी: हम अक्सर तरबूज़ को बिना धोए काट देते हैं। छिलके पर मौजूद बैक्टीरिया चाकू के साथ सीधे फल के अंदर चले जाते हैं। कटा हुआ तरबूज़ है 'ज़हर': अगर आपने बाज़ार से पहले से कटा हुआ तरबूज़ खरीदा है या घर पर कटा हुआ फल घंटों बाहर रखा है, तो समझ लीजिए कि आप बैक्टीरिया की पूरी कॉलोनी खा रहे हैं।किन लोगों के लिए है सबसे ज्यादा खतरा?तरबूज़ से होने वाली पॉइज़निंग इन लोगों के लिए मौत का पैगाम हो सकती है:छोटे बच्चे और बुजुर्ग।गर्भवती महिलाएँ।कमज़ोर इम्यूनिटी वाले मरीज़।बचना है तो गांठ बांध लें ये बातें!अगर आप मौत के इस खतरे से बचना चाहते हैं, तो इन नियमों को नज़रअंदाज़ न करें:बाहरी छिलका धोएँ: काटने से पहले तरबूज़ को बहते पानी में अच्छी तरह धोएँ, जैसे आप अपनी जान बचा रहे हों। तुरंत फ्रिज में रखें: कटा हुआ तरबूज़ 2 घंटे से ज्यादा बाहर न छोड़ें।इंजेक्शन वाले फल की पहचान: अगर तरबूज़ काटने पर उसके बीच में छेद दिखे या उसका रंग असामान्य रूप से गहरा लाल हो, तो उसे तुरंत फेंक दें।खुले में बिक रहे फल न लें: सड़क किनारे कटे हुए तरबूज़ खाना अपनी जान को जोखिम में डालना है।तरबूज़ की मिठास का आनंद ज़रूर लें, लेकिन याद रहे कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस ताज़गी को मातम में बदल सकती है। अगली बार तरबूज़ काटने से पहले सोचिएगा ज़रूर— क्या वह पूरी तरह सुरक्षित है?
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