Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सिलेंडर मिले बिना डिलीवरी का SMS:प्रयागराज में LPG की ब्लैक मार्केटिंग का नया खेल, एजेंसी जाने पर टरकाए जा रहे लोग

    3 hours ago

    2

    0

    'शहर के नामी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर शशांक रस्तोगी ने तीन मार्च को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग की। 7 मार्च को उनके पास सिलेंडर डिलीवर्ड का मैसेज आ गया जबकि सिलेंडर पहुंचा ही नहीं। उन्होंने एजेंसी में पता कराया तो कर्मचारियों ने किसी तरह की मदद से हाथ खड़े कर दिए। कहा कि सिलेंडर डिलीवर हो चुका है और अब वह कुछ नहीं कर सकते। जब उन्होंने दोबारा बुकिंग की कोशिश की तो मैसेज आया कि अब अगली बुकिंग 35 दिन बाद ही हो सकेगी।' एलपीजी सिलेंडर के लिए शहर में मची हाय-तौबा के बीच इस समस्या का शिकार होने वाले डॉक्टर शशांक अकेले नहीं। उनके जैसे तमाम लोग एलपीजी सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग के इस नए खेल का शिकार हो रहे हैं। बिना सिलेंडर मिले ही उनके पास सिलेंडर डिलीवर्ड का मैसेज आ जा रहा है। शिकायत लेकर जाने पर एजेंसी से टका सा जवाब मिलता है कि इसमें कुछ नहीं हो सकता। इससे वह भटकने को मजबूर हो रहे हैं। 18 को बुकिंग, 22 को डिलीवर का मैसेज मेहंदौरी, तेलियरगंज में रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग पुष्पा चतुर्वेदी के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनका एलपीजी कनेक्शन मम्फोर्डगंज स्थित अमर ज्वाला गैस सर्विस एजेंसी से है। उन्होंने बताया, 18 मार्च को मैंने सिलेंडर बुक किया। हैरान तब रह गई जब 22 मार्च की रात मैसेज आया कि सिलेंडर डिलीवर हो गया है और अब अगली बुकिंग 16 अप्रैल के बाद कराई जा सकेगी। एजेंसी जाने पर कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि सिलेंडर डिलीवर हो गया है और अब वह कुछ नहीं कर सकते। अब कहां जाऊं, किससे बात करूं, कुछ समझ नहीं आ रहा। अगले ही दिन आ गया मैसेज अशोक नगर में रहने वाली होम्योपैथ डॉक्टर रिशी के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने बताया, कनेक्शन उनके पति प्रेमशंकर दीक्षित के नाम से मंजू चंद्रा गैस सर्विस एजेंसी में है। 15 मार्च को मैंने सिलेंडर बुक किया। अगले ही दिन सिलेंडर डिलीवर का मैसेज आ गया। पति एजेंसी पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि सिलेंडर डिलीवर्ड दिखा रहा है। इसके बाद वह इंदिरा भवन में इंडियन ऑयल के ऑफिस गए तो उन्हें फील्ड अफसर का नंबर दिया गया। संपर्क करने पर अंसारी नाम के अफसर ने कहा कि वह दिखवाते हैं लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिला। अब मुसीबत यह है कि अगली बुकिंग 21 अप्रैल के बाद ही होगी। ऐसे में हम बुजुर्ग पति-पत्नी कहां भटकें, किसके पास गुहार लगाएं। पेमेंट भी फंस गया नेशनल गैस सर्विस मीरापुर के कंज्यूमर सौरभ मल्होत्रा का तो पेमेंट भी फंस गया। उन्होंने 24 मार्च को सिलेंडर बुक किया, ऑनलाइन पेमेंट भी कर दिया। इसके बाद बिना डिलीवरी के ही उनके पास सिलेंडर डिलीवर्ड का मैसेज आ गया। इसी तरह संगम गैस एजेंसी सम्मेलन मार्ग के कंज्यूमर अंकुर केसरवानी ने बताया कि एक मार्च को सिलेंडर बुक करने के कुछ दिनों बाद ही उनके पास इनवॉइस जनरेट होने और सिलेंडर डिलीवर्ड का मैसेज आ गया। एजेंसी जाकर बात करनी चाही तो वहां कोई जवाब नहीं मिला। शिकायत की बात कहने पर कहा गया कि जो करना है कर लो। ऐसे हो रहा खेल इस खेल को समझने के लिए हमने कुछ हॉकरों से बात की। नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने दावा किया कि यह पूरा खेल ब्लैक मार्केटिंग का है। कुछ एजेंसीज के कर्मचारी इस खेल में शामिल हैं। वह कंज्यूमर से बहाने से डीएसी कोड पूछ लेते हैं। कई बार इसके लिए हॉकरों की मदद से यह किया जाता है। कंज्यूमर हॉकर के भरोस में होते हैं, ऐसे में वह डीएसी कोड बता देते हैं। इस तरह से सिलेंडर ब्लैक में बेच दिया जाता है और उसके पास बिना सिलेंडर पहुंचे ही डिलीवरी का मैसेज आ जाता है। कुछ केस में डीएसी कोड बिना बताए ही सिलेंडर डिलीवर कर दिया जाता है। इसमें यह बताया जाता है कि तकनीकी कारणों से कंज्यूमर डीएसी कोड बता नहीं पाए। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं कुछ कंज्यूमर्स का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रशासनिक अफसरों से भी शिकायत की। हालांकि कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बारे में हमने एडीएम सिविल सप्लाई विजय शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। क्या बोले कंपनी के अफसर हमने इस मामले में एलपीजी कंपनी के अफसरों से बात की। इंदिरा भवन में इंडियन ऑयल के ऑफिस में इस प्रकरण पर अफसरों ने आधिकारिक रूप से कुछ बोलने से इंकार कर दिया। एक अफसर ने बताया कि इस मामले में लखनऊ स्थित कॉरपोरेट ऑफिस से ही ऑफिशयल वर्जन मिल सकेगा। हालांकि उन्होंने दावा किया कि डीएसी कोड बताए बिना डिलीवरी संभव ही नहीं। कंज्यूमर के डीएसी कोड बताने के बाद ही सिलेंडर बुकिंग का प्रॉसेस पूरा होता है। अफसरों ने यह भी दावा किया कि ऐसी शिकायत उनके पास नहीं आई है। हालांकि अगर किसी को इस तरह की शिकायत है और एजेंसी से उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा तो वह कार्यालय के नंबर 0532-4503211 पर संपर्क कर सकता है। उसकी पूरी मदद की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बलरामपुर में स्कूल चलो अभियान का आगाज:संचारी रोग नियंत्रण के साथ बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य
    Next Article
    देवरिया में नाले की मरम्मत, गुणवत्ता पर उठे सवाल:ठेकेदार पर पुराने और घटिया ईंटों के इस्तेमाल का आरोप

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment