Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    संभल में 15% उपभोक्ता ई-केवाईसी न होने से परेशान:39 गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन ई-केवाईसी हो रहीं, शादियों का सीजन शुरु

    2 hours ago

    1

    0

    संभल में ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ता गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं। हालांकि, जिले में गैस सिलेंडरों की कोई किल्लत नहीं है और शादियों के सीजन के बावजूद जिला पूर्ति अधिकारी की अनुमति से डिलीवरी जारी है। अनुमान है कि लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ता ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण प्रभावित हैं। बुधवार को जनपद संभल की 39 गैस एजेंसियों पर लगभग 12,000 सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। जिले में कुल 5 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से 2 लाख प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं, जबकि 750 कमर्शियल उपभोक्ता हैं। आपको बता दें कि सभी एजेंसी पर लगातार ई-केवाईसी हो रही है, 15 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने पिछले दो-तीन साल से अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई। अब उन्हें सिलेंडर लेने में परेशानी हो रहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग ने बताया कि बुकिंग के बैकलॉग के अंतर्गत सभी एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में गैस पहुंच रही है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शहरी इलाकों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन में बुकिंग हो रही है। संभल शहर के चौधरी सराय निवासी रहीम ने अपने छोटे बेटे के साथ गैस एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को सिलेंडर बुक किया था और ओटीपी तुरंत आ गया था, लेकिन सिलेंडर अब जाकर मिला है। रहीम के अनुसार, गैस की कोई बड़ी परेशानी नहीं है, लेकिन डिलीवरी में लगभग एक महीने का समय लग रहा है। महमूद खां सराय निवासी अहसान ने बताया कि उन्हें सिलेंडर बुक करने में दिक्कत आ रही है। फोन या ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने शिकायत की कि कंपनी के कर्मचारी कोई स्पष्ट जानकारी या विकल्प नहीं बताते हैं। अहसान ने बताया कि पहले ऑनलाइन या मिस कॉल से बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्हें एक महीने से अधिक समय हो गया है और गैस खत्म हुए भी लगभग एक महीना हो चुका है। फिलहाल, वे चूल्हा, उपले और कंडे जलाकर गुजारा कर रहे हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पानी टंकी के ऑपरेटर ने फांसी लगाकर दी जान:महोबा में पेड़ से फंदे पर लटका मिला शव, ग्रामीणों के ताने से था परेशान
    Next Article
    लखनऊ में सपा मजदूर सभा ने कलेक्ट्रेट घेरा:नोएडा में मजदूरों पर कार्रवाई पर नाराजगी जताई, 26000 प्रतिमाह वेतन देने की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment