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    संभल की यासमीन निगार बनीं नर्सिंग अधिकारी:पिता कार्ड प्रिंटिंग का करते हैं काम, कहा- असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए

    2 hours ago

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    संभल की यासमीन निगार ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा आयोजित नर्सिंग अधिकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। यासमीन असमोली विकासखंड के मनोटा गांव की रहने वाली हैं। उनका चयन लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, मेरठ में नर्सिंग अधिकारी के पद पर हुआ है। वह संभल से इस परीक्षा में सफल होने वाली एकमात्र अभ्यर्थी हैं। यासमीन के पिता वसीउल्लाह चौधरी विजिटिंग कार्ड और शादी कार्ड छपाई का काम करते हैं, जबकि उनकी माता नसरीन जहां गृहिणी हैं। यासमीन अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके छोटे भाई साकिब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, और दूसरे भाई फैजान शारदा यूनिवर्सिटी में बीएससी इन डेटा साइंस के छात्र हैं। यासमीन ने कहा- सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा यासमीन ने बताया कि उनका यह सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने पहली बार वर्ष 2021 में यह परीक्षा दी थी, जिसमें उनका नाम शॉर्टलिस्ट हुआ था। हालांकि, दस्तावेजों और डिग्री से संबंधित समस्या के कारण उनका अंतिम चयन नहीं हो पाया था। इस असफलता से निराश होने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा कड़ी मेहनत शुरू की। परिवार और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने साल 2023 में प्रारंभिक परीक्षा और 2024 में मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की। उनका अंतिम परिणाम 7 मार्च 2025 को घोषित किया गया, जिसमें उन्हें सफलता मिली। यासमीन ने बताया कि जिस दिन परिणाम घोषित हुआ, वह रमजान का महीना था और उनके लिए वह दिन ईद जैसा बन गया। उनकी सफलता से परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। सवाल: आपकी पढ़ाई और दिनचर्या कैसी थी? जवाब: यासमीन ने कहा- मैंने शुरुआती पढ़ाई गांव के हिंदी माध्यम स्कूल से की और आगे की पढ़ाई अलीगढ़ से की। तैयारी के दौरान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कोचिंग और परीक्षा नजदीक आने पर शाम 7 बजे तक क्लास लेती थी। इसके बाद सेल्फ स्टडी करती थी। मैं केवल 5-6 घंटे ही सो पाती थी। सवाल: अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं? जवाब: यासमीन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा- मेरे परिवार ने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया है। सवाल: युवाओं के लिए आपका संदेश देना चाहती हैं? जवाब: लगातार मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
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