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    रावतपुर में फ्लैट सौदे को लेकर विवाद:अवैध कब्जे का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

    1 hour ago

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    कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम स्थित एक फ्लैट को लेकर सामने आए विवाद ने रियल एस्टेट सौदों में बढ़ती अनियमितताओं को उजागर कर दिया है। मेसर्स अमन एसोसिएट के पार्टनर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि फ्लैट खरीदने के नाम पर लाखों रुपये देने के बाद भी न तो पूरी रकम अदा की गई और न ही रजिस्ट्री कराई गई। उल्टा आरोपी ने फ्लैट पर कब्जा कर विभिन्न सरकारी दस्तावेज भी बनवा लिए। 2017 में तय हुआ 28 लाख का सौदा, 4 लाख देकर किया अग्रिम भुगतान मेसर्स अमन एसोसिएट के पार्टनर तरुण गुप्ता के मुताबिक, वर्ष 2017 में सुशील कुमार मिश्रा ने केशवपुरम स्थित फ्लैट खरीदने के लिए 28 लाख रुपये का सौदा तय किया था। 6 अप्रैल 2017 को आरोपी ने 51 हजार रुपये नकद और 3.52 लाख रुपये के दो चेक अग्रिम के रूप में दिए। बाकी रकम बैंक ऋण के माध्यम से देने की बात कही गई थी। शुरुआत में सौदा सामान्य रूप से आगे बढ़ता दिखा, लेकिन समय बीतने के साथ आरोपी ने भुगतान में देरी शुरू कर दी और विभिन्न बहाने बनाकर प्रक्रिया को टालता रहा, जिससे मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया। एग्रीमेंट टू सेल के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री, बहानों का सिलसिला जारी तरुण गुप्ता ने बताया कि 9 जनवरी 2019 को दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट टू सेल हुआ था, जिसकी वैधता 8 अप्रैल 2019 तक थी। आरोप है कि इस अवधि के दौरान आरोपी ने पूरा भुगतान किए बिना ही गृह प्रवेश की अनुमति ले ली और फ्लैट में रहने लगा। इसके बाद उसने अलमारी व अन्य कार्य कराने के नाम पर कब्जा बनाए रखा। समय-समय पर रजिस्ट्री की बात उठाने पर वह नौकरी छूटने और आर्थिक तंगी का हवाला देकर टालमटोल करता रहा। इस कारण एग्रीमेंट की समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। कोविड काल में बढ़ा विवाद, फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप शिकायत के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान आरोपी ने स्थिति का फायदा उठाया और बीमारी व अन्य कारणों का हवाला देकर रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह टाल दिया। इसी बीच उसने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फ्लैट के पते पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिया। इतना ही नहीं, 17 जून 2022 को अपने नाम से बिजली कनेक्शन भी प्राप्त कर लिया। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने खुद को स्थायी निवासी साबित करने की कोशिश की, जिससे बाद में कब्जा हटाना और भी जटिल हो गया। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी कब्जा कायम, पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित का कहना है कि एग्रीमेंट समाप्त होने के बावजूद आरोपी फ्लैट पर अवैध कब्जा किए हुए है और बार-बार संपर्क करने पर भी रजिस्ट्री से इनकार कर रहा है। हाल में बातचीत के दौरान भी उसने फ्लैट में कमियां बताकर सौदा पूरा करने से मना कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर रावतपुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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