Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रितेश को लोगों ने एक्टर नहीं, सीएम का बेटा माना:फिल्में फ्लॉप हुईं तो एक्टिंग छोड़ना चाहते थे; कॉमेडी से पहचान मिली, विलेन बनकर चौंकाया

    12 hours ago

    2

    0

    कॉमेडी फिल्मों से पहचान बनाने वाले रितेश देशमुख आज ‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी था, जब लगातार फ्लॉप फिल्मों और ट्रोलिंग से परेशान होकर उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे होने की वजह से लोग उन्हें अक्सर एक्टर नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का बेटा कहते थे। डेब्यू फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ के बाद उनकी कई फिल्में नहीं चलीं और उन्होंने दोबारा आर्किटेक्ट की नौकरी करने का फैसला कर लिया था। बाद में ‘मस्ती’, ‘धमाल’, ‘हे बेबी’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री में बनाए रखा। फिर ‘एक विलेन’ में निगेटिव किरदार निभाकर उन्होंने अलग पहचान बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं रितेश देशमुख के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, लेकिन राजनीति से दूरी रितेश देशमुख का जन्म 17 दिसंबर 1978 को लातूर, महाराष्ट्र में हुआ था। वह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे हैं। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक होने की वजह से उनका बचपन राजनीति और सार्वजनिक जीवन के माहौल में बीता। हालांकि रितेश ने कभी राजनीति में आने की इच्छा जाहिर नहीं की। उनका झुकाव शुरुआत से ही क्रिएटिव फील्ड और डिजाइनिंग की तरफ था। आर्किटेक्चर की पढ़ाई, न्यूयॉर्क में नौकरी रितेश की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जी.डी. सोमानी मेमोरियल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कमला रहेजा कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड एनवायरनमेंटल स्टडीज, मुंबई से आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय न्यूयॉर्क की एक आर्किटेक्चर फर्म में काम किया। उस दौर में उनका फोकस पूरी तरह आर्किटेक्चर करियर पर था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि फिल्मों में काम करेंगे। रितेश को कॉलेज के दिनों से ही स्टेज, एक्टिंग और एंटरटेनमेंट पसंद था। हालांकि वह काफी शर्मीले स्वभाव के थे। राजनीतिक परिवार से होने की वजह से वह सीमित दायरे में रहते थे और उन्हें लगता था कि संभलकर रहना चाहिए। ‘तुझे मेरी कसम’ से फिल्मों में एंट्री रितेश का फिल्मों में आने का विचार धीरे-धीरे बना। उस समय तेलुगु फिल्म ‘नुव्वे कवाली’ बड़ी हिट हुई थी और इसके हिंदी रीमेक की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान रितेश तक फिल्म की स्क्रिप्ट पहुंची। शुरुआत में उन्होंने ओरिजिनल फिल्म देखने की कोशिश की, लेकिन भाषा समझ नहीं आने की वजह से ज्यादा देर नहीं देख पाए। बाद में निर्देशक के. विजय भास्कर ने उन्हें हैदराबाद बुलाकर पूरी स्क्रिप्ट सुनाई। रितेश स्क्रिप्ट और किरदार की सादगी से प्रभावित हुए। उन्हें लगा कि यह किरदार उनकी कॉलेज लाइफ जैसा है। रितेश कहते हैं- ‘तुझे मेरी कसम’ के जरिए मुझे सब करने का मौका मिला, जो मैं कॉलेज के दिनों में कभी खुलकर नहीं कर पाया था। लोग एक्टर से ज्यादा सीएम का बेटा मानते थे उस समय इंडस्ट्री में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री के बेटे होने की वजह से उन्हें आसानी से लॉन्च मिल गया। लेकिन रितेश मानते हैं कि इस बैकग्राउंड की वजह से उन पर दबाव भी बहुत ज्यादा था। लोग उन्हें एक्टर से ज्यादा सीएम का बेटा मानते थे। डेब्यू के बाद उनका करियर आसान नहीं रहा। उनकी कई फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं और इंडस्ट्री में धारणा बनने लगी कि वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में रितेश ने बताया था कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा, तब उन्हें भरोसा नहीं था कि वह इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिक पाएंगे। फिल्में फ्लॉप हुईं तो एक्टिंग छोड़ने का ख्याल आया रितेश ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उनकी लगातार पांच फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं। उस दौर में उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा था- एक वक्त ऐसा आया जब मेरी लगातार पांच फिल्में फ्लॉप हुईं। तब मैंने सोचा- बस, अब पैकअप… मैं वापस आर्किटेक्चर में चला जाऊंगा। उस दौर में इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो गई थी कि रितेश शायद लंबे समय तक बॉलीवुड में टिक नहीं पाएंगे। लगातार असफल फिल्मों की वजह से उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ। कॉमेडी फिल्मों ने इंडस्ट्री में टिकने का मौका दिया लगातार असफलताओं के बाद रितेश के करियर ने नया मोड़ लिया। फ्लॉप फिल्मों के बाद जब उनकी फिल्में सफल होने लगीं, तो उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में उनकी नई जिंदगी शुरू हो गई है। कॉमेडी फिल्मों में रितेश देशमुख की टाइमिंग दर्शकों को पसंद आने लगी। ‘मस्ती’, ‘क्या कूल हैं हम’, ‘मालामाल वीकली’, ‘हे बेबी’, ‘धमाल’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई। दैनिक भास्कर से बातचीत में रितेश देशमुख कहते हैं- मैं लोगों का आभारी हूं। उस दौर में जब मैंने डेब्यू किया था, अगर किसी एक तरह की फिल्म हिट हो जाती थी तो उसी तरह के और काम मिलते थे। इसलिए मेरी एक कॉमेडी फिल्म चली, तो फिर मुझे दूसरी और तीसरी कॉमेडी फिल्म मिलीं। मैं खुशकिस्मत था कि कॉमेडी-जेनर ने मुझे लंबे समय तक इंडस्ट्री में बनाए रखा। रितेश के मुताबिक, राजनीतिक परिवार से आने की वजह से उन्होंने बचपन से हार और वापसी दोनों करीब से देखी हैं। यही वजह है कि वह असफलता से जल्दी टूटते नहीं हैं। कॉमेडी इमेज तोड़ने का फैसला किया रितेश देशमुख लंबे समय तक बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों के लिए पहचाने जाते रहे। लेकिन करियर के एक दौर में उन्होंने अपनी इमेज तोड़ने का फैसला किया। उन्होंने ऐसे किरदार चुनने शुरू किए, जिनमें उनका डार्क और खतरनाक अंदाज दिखाई दे। दिलचस्प बात यह रही कि विलेन के रूप में भी उन्हें काफी सराहना मिली। ‘एक विलेन’ बना करियर का टर्निंग पॉइंट रितेश के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट ‘एक विलेन’ रही। साल 2014 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने राकेश महाडकर नाम के सीरियल किलर का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका किरदार एक आम आदमी का था, जो बाहर से शांत और साधारण नजर आता है, लेकिन अंदर से बेहद हिंसक और मानसिक रूप से परेशान होता है। राकेश अपनी पत्नी से लगातार अपमानित महसूस करता है और इसी कुंठा में महिलाओं की बेरहमी से हत्या करने लगता है। फिल्म में रितेश का शांत चेहरा और अचानक हिंसक हो जाना दर्शकों के लिए काफी शॉकिंग था। साबित किया कि सिर्फ कॉमेडी एक्टर नहीं हैं ‘एक विलेन’ के रोल के लिए रितेश की काफी तारीफ हुई। कई क्रिटिक्स ने लिखा कि रितेश ने पहली बार साबित किया कि वह सिर्फ कॉमेडी एक्टर नहीं हैं। साल 2019 में फिल्म ‘मरजावां’ में रितेश ने विष्णु शेट्टी नाम का निगेटिव किरदार निभाया। यह रोल अलग था, क्योंकि फिल्म में उनका किरदार बौने गैंगस्टर का था। विष्णु बेहद गुस्सैल, सनकी और पावर का भूखा इंसान होता है। फिल्म में वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के किरदार से नफरत करता है और अपने वर्चस्व के लिए किसी भी हद तक चला जाता है। हालांकि फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली, लेकिन रितेश के डायलॉग्स और स्क्रीन प्रेजेंस की काफी चर्चा हुई। खासकर उनका डायलॉग- “कमिनेपन की हाइट तीन फुट” सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रितेश कहा कि ‘एक विलेन’ उनके लिए बड़ा रिस्क थी, क्योंकि लोग उन्हें उस तरह के किरदार में देखने के आदी नहीं थे। लेकिन फिल्म की सफलता के बाद इंडस्ट्री का नजरिया बदल गया। इसके बाद उन्हें अलग तरह के रोल मिलने शुरू हुए। रितेश की सबसे बड़ी ताकत उनका सॉफ्ट फेस माना जाता है। स्क्रीन पर वह सामान्य और शांत इंसान जैसे दिखते हैं। यही वजह है कि जब वह अचानक हिंसक या खतरनाक किरदार निभाते हैं, तो उसका असर ज्यादा मजबूत दिखाई देता है। क्रिटिक्स का मानना है कि रितेश ने विलेन के किरदारों में ओवरएक्टिंग के बजाय शांत और दबे हुए गुस्से का इस्तेमाल किया, जिसने उनके रोल्स को ज्यादा डरावना बनाया। प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर नई पारी की शुरुआत अभिनेता होने के साथ-साथ रितेश देशमुख अब प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर भी मराठी इंडस्ट्री में बड़ा नाम बन चुके हैं। रितेश और उनकी पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने मिलकर ‘मुंबई फिल्म कंपनी’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी शुरू की। राजनीतिक परिवार से आने वाले रितेश हमेशा से मराठी संस्कृति और इतिहास से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने मराठी फिल्मों को बड़े स्तर पर पेश करने की कोशिश की और ऐसी फिल्में बनाई, जिनका स्केल हिंदी फिल्मों जैसा दिखाई दे। ‘लय भारी’ ने मराठी सिनेमा की तस्वीर बदल दी साल 2014 में रिलीज हुई ‘लय भारी’ रितेश के मराठी करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म को जेनेलिया ने प्रोड्यूस किया था और डायरेक्टर निशिकांत कामत थे। फिल्म में रितेश ने दोहरे रोल निभाए थे। एक्शन, भावनाएं और जनप्रिय मनोरंजन से भरपूर इस फिल्म ने मराठी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की थी। उस दौर में मराठी फिल्मों का बजट अपेक्षाकृत कम माना जाता था, लेकिन ‘लय भारी’ ने साबित किया कि मराठी सिनेमा भी बड़े पैमाने पर बनी फिल्मों को सफल बना सकता है। फिल्म में सलमान खान का छोटा-सा कैमियो भी चर्चा में रहा था। रितेश ने कई मराठी फिल्मों को प्रोड्यूस किया। उनका फोकस ऐसी कहानियों पर रहा, जो मराठी दर्शकों से जुड़ी हों, लेकिन प्रेजेंटेशन और स्केल में राष्ट्रीय स्तर की दिखें। मराठी फिल्म ‘वेद’ से डायरेक्टर बने साल 2022 में मराठी फिल्म ‘वेद’ के जरिए रितेश ने निर्देशन में कदम रखा। यह फिल्म तेलुगु फिल्म ‘मजिली’ की मराठी रीमेक थी। फिल्म में रितेश और जेनेलिया की जोड़ी नजर आई। ‘वेद’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई। डायरेक्टर के तौर पर भी रितेश की काफी तारीफ हुई। अब ‘राजा शिवाजी’ से चर्चा में इन दिनों रितेश अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म रिलीज हो चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यह फिल्म ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ के जीवन, युद्ध कौशल और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में रितेश ने खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभाई है और निर्देशन भी किया है। सलमान खान समेत कई बड़े स्टार्स की मौजूदगी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका बड़ा स्टारकास्ट माना जा रहा है। सलमान खान फिल्म में खास कैमियो रोल में नजर आए हैं। उनके अलावा संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, फरदीन खान, विद्या बालन, जेनेलिया और कई मराठी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। यह फिल्म मराठी और हिंदी में रिलीज हुई है। खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है संघर्ष और चुनौतियों पर बात करते हुए रितेश देशमुख कहते हैं- चुनौती और संघर्ष यही है कि समय बदलता रहता है और सिनेमा के साथ दर्शकों की सोच भी बदल जाती है। हम अक्सर उसी पुराने ढंग की एक्टिंग में अटक जाते हैं, क्योंकि वह पहले चली थी। लेकिन समय बदलने पर अगर आप उसी तरह के रहो, तो आउट-डेट लगने लगते हैं। इसलिए अपने आप को समय के साथ अपडेट करना बहुत जरूरी है। _____________________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... पिता बस ड्राइवर थे, ₹300 लेकर एक्टर बनने निकले:थिएटर में ₹50 कमाए, टीवी से शुरुआत करने वाले यश को केजीएफ ने पैन-इंडिया स्टार बनाया यश आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। कर्नाटक के साधारण परिवार में जन्मे यश के पिता BMTC बस ड्राइवर थे, जबकि मां हाउसवाइफ थीं। बचपन से ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिर्फ एक्टर बनना है। घरवालों की चिंता और पैसों की तंगी के बावजूद वे महज ₹300 लेकर बेंगलुरु पहुंचे।पूरी खबर पढ़ें..
    Click here to Read more
    Prev Article
    केनिशा की वजह से टूटी जयम रवि की शादी? एक साल बाद सिंगर ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- बचपन से काफी कुछ झेला…
    Next Article
    ऊषा उत्थुप ने वायरल पोस्ट पर सफाई दी:सिंगर ने ‘दीदी’ गाने को ममता बनर्जी की चुनावी हार से जोड़ने के दावों को गलत बताया

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment