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    रेड सिग्नल पार होते ही अपने आप रुकेगी ट्रेन:कानपुर-प्रयागराज रूट पर ‘कवच’ सिस्टम लागू, 190 किमी में वंदेभारत, चौरी- चौरा एक्सप्रेस का हुआ ट्रायल

    1 hour ago

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    उत्तर मध्य रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रयागराज-कानपुर सेक्शन के 190 रूट किलोमीटर पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को लागू कर दिया गया है। यह सिस्टम अब वंदेभारत, चौरी-चौरा एक्सप्रेस में सक्रिय करने के लिए सुरक्षित ट्रायल हो गया है, जिससे मानवीय गलती से होने वाले हादसों पर भी अंकुश लगेगा। वंदेभारत, चौरी-चौरा एक्सप्रेस से हुआ शुभारंभ इस आधुनिक तकनीक की शुरुआत गाड़ी संख्या 14163 संगम एक्सप्रेस के जरिए की गई। रेलवे अधिकारियों ने खुद लोकोमोटिव में बैठकर कानपुर से प्रयागराज तक निरीक्षण किया और सिस्टम की कार्यप्रणाली को परखा। 190 किमी के इस रूट पर अब रेल सफर सुरक्षित हो गया है। पहले चरण में 8 जोड़ी ट्रेनों में सुविधा फिलहाल इस सिस्टम को अभी 8 जोड़ी प्रमुख ट्रेनों में लागू किया गया है, जिनमें प्रयागराज- आनंदविहार एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, जोधपुर- हावड़ा एक्सप्रेस , वंदे भारत एक्सप्रेस, चौरी-चौरा एक्सप्रेस, कानपुर-प्रयागराज अनवरगंज और प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस चौरी चौरा एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इस रूट की सभी ट्रेनों को ‘कवच’ सिस्टम से लैस कर दिया जाएगा। 20 हजार किमी का सफल ट्रायल इस तकनीक को लागू करने से पहले रेलवे ने पहले लगातार परीक्षण किए। WAP-7 इंजन और अलग-अलग कोच संरचनाओं के साथ ट्रायल किया गया। चौरी-चौरा एक्सप्रेस के साथ 20,000 किलोमीटर से ज्यादा का पैसेंजर ट्रायल रन भी सफल रहा और साथ में वंदेभारत एक्सप्रेस एक रेक को इस ट्रायल में शामिल किया गया था। अब समझिए कैसे काम करता है ‘कवच’ सिस्टम ‘कवच’ एक स्वदेशी मेक इन इंडिया तकनीक है, जो ट्रेन को ऑटोमैटिक कंट्रोल करती है। इस सिस्टम को लगने के बाद यदि ट्रेन रेड सिग्नल पार करने पर खुद ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाती है। ट्रेनों की आमने-सामने की होने वाली टक्कर को रोकती है। कोहरे और खराब मौसम में ट्रेनों के लेट होने की आशंका कम रहती है, और रेल संचालन भी सुरक्षित रहता है। ट्रेन चलाने के दौरान लोको पायलट (ड्राइवर) की गलती होने पर भी ये सिस्टम ट्रेन को नियंत्रित करता है। इस सिस्टम (कवच) के लागू होने से अब ट्रेन यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। हादसों की संभावना कम होगी और खराब मौसम में भी ट्रेन संचालन बेहतर रहेगा। जिससे यात्री समय से अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे। अमित सिंह ने बताया जल्द ही इस रूट की सभी ट्रेनों में ये सिस्टम लागू किया जाएगा। जिसके लिए रेलवे लगातार काम कर रहा है।
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