Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    PWD ने सूडा को दी थी जमीन, नहीं बने आशियाने:विकासनगर में राख हुईं 250 झोपड़ियां, पुनर्विकास नीति सर्वे तक सीमित रही

    3 hours ago

    1

    0

    लखनऊ में पांच साल पहले आई स्व-स्थाने मलिन बस्ती पुनर्विकास नीति पर समय रहते अमल होता, तो विकासनगर मिनी स्टेडियम के पास बुधवार को हुई भीषण आग की यह त्रासदी शायद टल सकती थी। जिस जमीन पर सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, वहीं झुग्गीवासियों के लिए मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट बनाने की योजना प्रस्तावित थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन्हें आवंटित किया जाना था, लेकिन योजना कागजों से बाहर नहीं आ सकी। यह जमीन लोक निर्माण विभाग (PWD) की थी, जिसे करीब पांच साल पहले शासन ने सूडा (राज्य नगरीय विकास अभिकरण) को हस्तांतरित किया था। उद्देश्य साफ था झुग्गीवासियों को हटाया जाए, उन्हें वहीं पुनर्वासित किया जाए, ताकि रोज़गार छूटने के डर से वे दोबारा अवैध बस्तियां न बसाएं। इसी सोच के तहत विनायकपुरम योजना तैयार की गई थी। सर्वे भी हुआ और करीब 300 परिवार पात्र पाए गए, लेकिन जमीन विवाद और प्रशासनिक उदासीनता के चलते योजना आगे नहीं बढ़ सकी। PPP मॉडल पर बननी थी योजना जानकारी के मुताबिक, यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित होनी थी। इसके तहत पात्र झुग्गीवासियों को मुफ्त या रियायती फ्लैट दिए जाते, जबकि निजी बिल्डर शेष फ्लैटों को बाजार में बेचकर लागत निकालता। सर्वे में यह भी सामने आया था कि कुछ लोग पहले ही सरकारी योजनाओं में मकान ले चुके हैं, ऐसे में वास्तविक पात्रों की संख्या सीमित रखी जानी थी। PWD के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ का कहना है कि जमीन को कई साल पहले ही आवासीय योजना के लिए सूडा को दिया जा चुका है। यहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाने थे। वहीं, डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) के परियोजना अधिकारी चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा- यह पुरानी योजना थी। सर्वे हुआ था, लेकिन जमीन को लेकर विवाद रहा। फिलहाल की स्थिति हमको नहीं पता। 8 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती को चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 30 से अधिक फायर टेंडर लगाए गए। आग की भयावहता को देखते हुए बाराबंकी से भी दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। आग बुझने के बाद रात में एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तलाशी के दौरान दो मासूम बच्चों के जले हुए शव बरामद हुए। दोनों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जो उन्हें लेकर अपने गृह जनपद बाराबंकी चले गए। आग लगने की तीन संभावित वजहें घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं। पहली चर्चा के अनुसार, शाम करीब 4 बजे पास स्थित देसी शराब ठेके के बगल में बनी कैंटीन से आग की शुरुआत हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे आग और तेजी से फैल गई। दूसरी चर्चा में स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पास के एक मकान और प्लॉट के मालिक झुग्गी हटाने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने 15 तारीख तक बस्ती खाली कराने की धमकी दी थी। लोगों का आरोप है कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। तीसरी संभावना यह जताई जा रही है कि किसी झोपड़ी में खाना बनाते समय चिंगारी उठी, जिसने पास की पन्नी और ज्वलनशील सामग्री को पकड़ लिया। तेज धूप और हल्की हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। 25 साल से बसी थी बस्ती स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस जमीन पर करीब 20-25 साल से रह रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि यह जमीन सरकारी है, लेकिन उन्हें कभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिली। कुसुम नाम की महिला, जिसकी झोपड़ी भी जल गई, बताती हैं 2025 में मिनी स्टेडियम में कैंप लगा था। हम सबके नाम लिखे गए थे और कहा गया था कि सरकार की तरफ से घर मिलेगा, लेकिन उसके बाद कोई सूचना नहीं मिली।
    Click here to Read more
    Prev Article
    40 डिग्री के बाद मेरठ में बदला मौसम का मिजाज:हल्की घटा और हवा से कम हुआ गर्मी का असर, लोगों को मिली राहत
    Next Article
    हमीरपुर में नाबालिग से गैंगरेप:चचेरे भाई और दोस्त ने वारदात की, एक आरोपी गिरफ्तार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment