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    'पिता का दोस्त बनकर साइबर अपराधी ने कॉल किया':जज ने बच्चों के साथ आपबीती शेयर की, कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत माता-पिता को बताएं

    6 hours ago

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    राजस्थान के करीब 1400 स्कूलों में टीचर्स की भूमिका में जज नजर आए। उन्होंने स्टूटेंड्स को साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां भी बताईं। मंगलवार सुबह जयपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर सहित तमाम शहरों में अलग-अलग कोर्ट में तैनात जज स्कूलों में पहुंचे और बच्चों को साइबर फ्रॉड के तरीके, उससे बचने के उपाय बताए। अजमेर के सिविल लाइंस स्थित जवाहर स्कूल में ACJM 3 कोर्ट की जज सलोनी माथुर ने बच्चों के साथ अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने कहा- यह दिवाली के समय की बात है। मेरे पास एक कॉल आया था। कॉलर ने कहा बेटा सलोनी बोल रहे हो क्या? तभी मैंने कहा कि हां सलोनी बोल रही हूं। कॉलर ने कहा- बेटा शर्मा अंकल बोल रहा हूं। मैंने कहा- हां अंकल बताइए... क्योंकि फादर के एक दोस्त शर्मा अंकल हैं। कॉलर ने कहा कि पापा को मुझे पैसे देने थे। उन्होंने कहा तुम मुझे पेटीएम कर दो। लेकिन मैं जागरूक थी और मैंने उन्हें कहा कि मुझे पिता जी ने कुछ नहीं बोला है। पिताजी से पूछ कर आपको बता दूंगी। इसके बाद जब पिता को कॉल किया तो उन्होंने इससे मना कर दिया। जयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व डिस्ट्रिक्ट जज (DJ) पवन जीनवाल ने बजाज नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय-1 में बच्चों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के प्रति बच्चों को जागरूक किया गया। सोशल मीडिया पर हर जानकारी साझा करना खतरनाक कोटा के जिला न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास स्वामी विवेकानंद नगर स्थित मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को व्यवहारिक उदाहरण देते हुए समझाया कि सोशल मीडिया पर हर जानकारी साझा करना खतरनाक है। जिला न्यायाधीश (कोटा) ने बच्चों में जोश भरते हुए कहा- डरने की जरूरत नहीं है। चुप रहने से अपराध बढ़ता है। अगर कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत माता-पिता या शिक्षकों को बताएं। सतर्क रहें, जागरूक रहें और मोबाइल के प्रयोग में पूरी तरह सावधानी बरतें। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
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