Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    प्रयागराज में जीवंत हुई गुरु तेग बहादुर की गौरव गाथा:नाटक 'हिंद दी चादर' का मंचन, गुरु साहिब की शहादत का चित्रण

    8 hours ago

    2

    0

    प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) के प्रेक्षागृह में बुधवार को 'बैसाखी महोत्सव' का आयोजन किया गया। महोत्सव के पहले दिन नाटक 'हिंद दी चादर' का मंचन हुआ, जिसमें सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और उनके साहस को दर्शाया गया। इस नाटक का आयोजन संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. हर्ष कुमार (पूर्व विभागाध्यक्ष, इलाहाबाद विश्वविद्यालय), केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और वरिष्ठ रंगकर्मी अभिलाष नारायण ने दीप प्रज्वलित कर किया। इम्पैक्ट आर्ट्स द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का लेखन रविंदर सिंह सोढ़ी ने किया है। इसका निर्देशन प्रसिद्ध अभिनेता बनिंदरजीत सिंह 'बन्नी' ने किया है। नाटक की कहानी औरंगजेब के शासनकाल के दौरान कश्मीरी पंडितों पर हो रहे जबरन धर्मांतरण के दबाव को दर्शाती है। जब पंडितों ने गुरु तेग बहादुर जी से सहायता मांगी, तो उन्होंने उनके धर्म की रक्षा के लिए औरंगजेब की चुनौती स्वीकार की। नाटक में मक्खन शाह के प्रसंग और गुरु की भक्ति से जुड़े दृश्यों को भी प्रस्तुत किया गया। मंच पर औरंगजेब और काजी के बीच के संवादों ने सत्ता के अहंकार और धार्मिक कट्टरता को उजागर किया। नाटक में गुरुजी के अनुयायियों की शहादत को भी दिखाया गया। अंततः, धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी ने स्वयं अपना शीश कुर्बान कर दिया, जो नाटक का केंद्रीय बिंदु था। रजत सचदेवा, पुष्पिंदर बग्गा और रिंकू जैन सहित अन्य कलाकारों ने अपने अभिनय से ऐतिहासिक घटनाक्रम को जीवंत किया। नाटक के समापन पर, जब एक मुगल सिपाही को अपनी गलती का एहसास होता है और वह सच्चाई बताता है, तो प्रेक्षागृह 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन मनमोहन सिंह ‘तन्हा’ ने किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गांजा तस्करी में 2 महिलाओं को 3-3 साल की जेल:झांसी स्टेशन पर 5 साल पहले 18Kg अवैध गांजा के साथ पकड़ी गई थी, 20 हजार जुर्माना
    Next Article
    कानपुर में पार्षद शर्ट उतारकर मैनहोल में उतरे:सीवर जाम की समस्या को लेकर अधिकारियों पर लगाए आरोप

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment